ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में पिता-पुत्र गिरफ्तार: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और अवैध हथियार बरामदनालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: व्हाट्सएप के जरिए लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे ठगीसोनीपत में पराली प्रबंधन के लिए विशेष प्रोटेक्शन फोर्स तैनात, यलो जोन के गांवों पर रहेगी पैनी नजरकरनाल: कबड्डी प्रतियोगिता में दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, धान खरीद में घोटाले का लगाया आरोपभोपाल मास्टर प्लान: सीलिंग से राहत की उम्मीदों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त, ड्राफ्ट से नहीं बदलेगी स्थितिनाबालिग साली से दुष्कर्म के मामले में जीजा को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाधौलपुर के मेधावी छात्रों का 'भारत को जानो' प्रतियोगिता में दबदबा, राज्य स्तर के लिए हुए चयनितनिवाड़ी लूटकांड: यूपी से धरा गया मुख्य आरोपी, 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को मिली कामयाबी
मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में पिता-पुत्र गिरफ्तार: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और अवैध हथियार बरामदनालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: व्हाट्सएप के जरिए लोन और लॉटरी का झांसा देकर करते थे ठगीसोनीपत में पराली प्रबंधन के लिए विशेष प्रोटेक्शन फोर्स तैनात, यलो जोन के गांवों पर रहेगी पैनी नजरकरनाल: कबड्डी प्रतियोगिता में दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान, धान खरीद में घोटाले का लगाया आरोपभोपाल मास्टर प्लान: सीलिंग से राहत की उम्मीदों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त, ड्राफ्ट से नहीं बदलेगी स्थितिनाबालिग साली से दुष्कर्म के मामले में जीजा को 20 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्मानाधौलपुर के मेधावी छात्रों का 'भारत को जानो' प्रतियोगिता में दबदबा, राज्य स्तर के लिए हुए चयनितनिवाड़ी लूटकांड: यूपी से धरा गया मुख्य आरोपी, 150 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को मिली कामयाबी

मध्य प्रदेश में 350 करोड़ की यूनिफॉर्म खरीद पर हाईकोर्ट की रोक, बुनकरों के भविष्य पर संकट

जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 350 करोड़ रुपए की यूनिफॉर्म खरीदी प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
मध्य प्रदेश में 350 करोड़ की यूनिफॉर्म खरीद पर हाईकोर्ट की रोक, बुनकरों के भविष्य पर संकट
मूल स्रोत

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: टेंडर प्रक्रिया पर लगाई अंतरिम रोक

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए खरीदी जाने वाली 350 करोड़ रुपये की यूनिफॉर्म की टेंडर प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से एक सप्ताह के भीतर इस पूरी प्रक्रिया पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह मामला तब सामने आया जब पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा यूनिफॉर्म की आपूर्ति के लिए निकाले गए ओपन टेंडर को चुनौती दी गई। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर काम करने वाले बुनकरों और सहकारी संस्थाओं के हितों पर सीधा असर पड़ रहा है।

नियमों के उल्लंघन का आरोप और बुनकरों की चिंता

अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग पावरलूम बुनकर संघ सहित तीन प्रमुख संगठनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि पाठ्यपुस्तक निगम ने 'मप्र भंडार क्रय नियम-2023' का खुला उल्लंघन किया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, सरकारी नियमों के तहत स्थानीय उपक्रमों से सीधी खरीदी का प्रावधान है, जिसे इस टेंडर में नजरअंदाज किया गया है।

इस फैसले से राज्य के करीब 2 लाख बुनकर परिवारों की आजीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पावरलूम और स्पिनिंग मिलों से जुड़े इन परिवारों का कहना है कि यदि सरकार स्थानीय स्तर पर हथकरघा बुनकरों, महिला समूहों और सहकारी संस्थाओं से कपड़े की खरीदी नहीं करती है, तो उनका काम पूरी तरह ठप हो जाएगा।

क्या है भंडार क्रय नियम और इसका महत्व

राज्य सरकार द्वारा लागू 'भंडार क्रय नियम 2023' के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि सरकारी जरूरतों के लिए आवश्यक उत्पादों की खरीदी स्थानीय स्तर पर सक्रिय सहकारी संस्थाओं, हथकरघा बुनकरों और महिला स्वयं सहायता समूहों से की जाए। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि पाठ्यपुस्तक निगम ने इन नियमों को दरकिनार कर ओपन टेंडर के जरिए बड़े स्तर पर खरीद की प्रक्रिया शुरू की, जो स्थानीय बुनकरों के लिए घातक साबित हो रही है। यदि यह टेंडर इसी तरह जारी रहता, तो स्थानीय बुनकरों को काम मिलने की संभावना नगण्य हो जाती।

अगले कदम और कानूनी स्थिति

हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई इस रोक के बाद अब सबकी निगाहें राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने ओपन टेंडर की प्रक्रिया क्यों अपनाई और क्या इसमें स्थानीय बुनकरों के हितों का ध्यान रखा गया था या नहीं। एक सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले की दिशा तय होगी।

फिलहाल, इस अंतरिम आदेश ने 350 करोड़ रुपये की इस बड़ी खरीद प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। राज्य के बुनकर संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार अब नियमों का पालन करते हुए स्थानीय स्तर पर ही खरीदी सुनिश्चित करेगी, जिससे हजारों परिवारों को रोजगार मिल सके।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें