मधेपुरा में मौसम ने ली करवट: भीषण गर्मी से मिली राहत, अगले पांच दिनों तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट
Madhepura weather update: Next 5 days rain-thunderstorm probability. Special advice for animal husbandry. मधेपुरा में लगातार आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। बारिश के कारण जिले के अधिकतम तापमान में करीब 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तापमान में भारी गिरावट, सुहावना हुआ मौसम
मधेपुरा जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लगातार छाए बादलों और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। तापमान में हुई 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट ने वातावरण को काफी ठंडा और सुहावना बना दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान अब 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह के समय हवा में नमी की मात्रा 90 प्रतिशत तक दर्ज की गई है, जो दोपहर बाद घटकर 50 से 60 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।
आगामी पांच दिनों के लिए चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों ने अगले पांच दिनों (8 से 12 जुलाई) तक जिले में खराब मौसम की संभावना जताई है। पूर्वी दिशा से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है।
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने के लिए कहा गया है, क्योंकि इस दौरान वज्रपात का खतरा सबसे अधिक होता है।
किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश
कृषि विभाग ने कद्दू की खेती करने वाले किसानों को फल मक्खी के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए प्रति हेक्टेयर 8 से 10 फेरोमोन ट्रैप लगाने का सुझाव दिया है। यह उपाय कीट नियंत्रण में प्रभावी साबित होगा और फसल को होने वाले नुकसान को कम करेगा।
पशुपालकों के लिए भी सुरक्षा निर्देश जारी किए गए हैं। तेज हवाओं के चलते पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधने से मना किया गया है, क्योंकि टहनियां टूटकर गिरने से पशुओं को चोट लग सकती है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित और साफ-सुथरे स्थान पर रखें तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में सूखा-हरा चारा और ताजा पानी उपलब्ध कराएं।
मछली पालन से जुड़े लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन तालाबों में रोहू मछलियां एक वर्ष की हो चुकी हैं, उन्हें निकालने का यह सही समय है। मछलियों को निकालने का कार्य सुबह के समय करना बेहतर होता है, जिससे उनकी गुणवत्ता बनी रहती है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करना ही इस दौरान सबसे बेहतर बचाव है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
