दिल्ली: अस्पताल के ड्यूटी रूम में डॉक्टर ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया प्रेम और जाति का दर्द
दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली अस्पताल में लुधियाना बीआरएस नगर के रहने वाले 35 वर्षीय सीनियर रेजिडेंट (SR) डॉ. सिमरप्रीत सिंह आनंद ने ड्यूटी रूम में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दे दी। वह पिछले 3 साल से इस अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली के अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने दी जान
राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली अस्पताल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां 35 वर्षीय सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ने आत्महत्या कर ली। लुधियाना के बीआरएस नगर के निवासी डॉ. सिमरप्रीत पिछले तीन वर्षों से अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार सुबह जब ड्यूटी रूम का दरवाजा काफी समय तक नहीं खुला, तो उसे तोड़ा गया, जिसके बाद घटना का पता चला।
पुलिस के अनुसार, डॉ. सिमरप्रीत शुक्रवार रात की ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने खुद अपने हाथ में कैनुला लगवाया था, यह कहकर कि उन्हें कुछ दवाएं लेनी हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होने के नाते उन्हें दवाओं की घातक खुराक की सटीक जानकारी थी। सुबह जब वे कमरे से बाहर नहीं आए, तो अस्पताल प्रशासन ने दरवाजा तोड़ा, जहां वे अचेत अवस्था में मिले। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड नोट में खुला प्रेम प्रसंग और पारिवारिक दबाव का राज
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को एक तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक डायरी बरामद हुई है। इस नोट ने आत्महत्या के पीछे की पीड़ा को उजागर कर दिया है। डॉ. सिमरप्रीत ने लिखा है कि वे अस्पताल में ही कार्यरत एक महिला डॉक्टर से प्रेम करते थे, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं। दोनों के बीच पिछले दो वर्षों से संबंध थे।
सुसाइड नोट में डॉक्टर ने स्पष्ट किया है कि उनके परिवार वाले इस विवाह के लिए तैयार नहीं थे। मुख्य कारण दोनों की अलग-अलग जातियां बताई गई हैं। पारिवारिक असहमति और इस रिश्ते के भविष्य को लेकर उपजे मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने नोट में यह भी लिखा है कि इस निर्णय के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं।
अंतिम इच्छा और पुलिस की कार्रवाई
डॉ. सिमरप्रीत ने अपने सुसाइड नोट में एक भावुक इच्छा भी व्यक्त की है। उन्होंने आग्रह किया है कि उनकी मृत्यु के बाद उनका सारा निजी सामान उनकी प्रेमिका को सौंप दिया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट और डायरी को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। घटना के बाद से अस्पताल परिसर में शोक की लहर है और सहकर्मी इस घटना से स्तब्ध हैं।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है, जहां मेडिकल बोर्ड की देखरेख में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अब इस मामले में अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के हर बिंदु को स्पष्ट किया जा सके।
जांच के दायरे में फॉरेंसिक साक्ष्य
घटनास्थल पर जिला क्राइम टीम और एफएसएल (FSL) रोहिणी की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। कमरे से इस्तेमाल की गई सिरिंज और दवाओं की खाली शीशियां बरामद की गई हैं, जो यह पुष्टि करती हैं कि उन्होंने एनेस्थीसिया की दवा का उपयोग करके अपनी जान ली। पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
डॉ. सिमरप्रीत के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके पिता हरप्रीत सिंह आनंद और अन्य परिजन दिल्ली पहुंच रहे हैं। एक होनहार डॉक्टर का इस तरह से दुनिया छोड़ जाना चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!