कुरुक्षेत्र: कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा का भाजपा पर बड़ा आरोप, कहा- फर्जी वोट और EVM से बदली गई जनादेश की तस्वीर
Kurukshetra MLA Ashok Arora claims BJP won via fake votes and EVM manipulation. प्रदेश के 21 शहरों में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में 20 परसेंट से ज्यादा वोटों का मिलान नहीं हुआ। अकेले थानेसर में 28 हजार (28K) से ज्यादा वोट की पहचान नहीं हो सकी कि वे किसके हैं और कहां से जुड़े हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

विधानसभा चुनाव में धांधली का दावा
कुरुक्षेत्र के थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक के दौरान उन्होंने दावा किया कि हालिया विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता सत्ता परिवर्तन चाहती थी, लेकिन फर्जी वोटिंग और ईवीएम में गड़बड़ी के जरिए जनादेश को प्रभावित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और पार्टी स्तर पर इसके खिलाफ संघर्ष की रणनीति तैयार की जाएगी।
अरोड़ा ने विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के 21 शहरों में 20 प्रतिशत से अधिक वोटों का मिलान नहीं हो पाया है। केवल थानेसर विधानसभा क्षेत्र में ही 28 हजार से अधिक ऐसे वोट पाए गए हैं, जिनकी पहचान और जुड़ाव संदिग्ध है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इन फर्जी वोटों के जरिए चुनावी नतीजों को एकतरफा मोड़ने का प्रयास किया गया है।
भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रियाओं पर निशाना
विधायक ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्रदेश के युवाओं के बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। अरोड़ा ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष भी बाहरी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में खाली पड़े करीब एक हजार पदों का हवाला देते हुए सरकार की उदासीनता पर प्रहार किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूल बंद किए जा रहे हैं और अस्पतालों में डॉक्टरों व स्टाफ की भारी कमी है। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि भ्रष्टाचार की रैंकिंग की जाए, तो हरियाणा संभवतः शीर्ष पर होगा।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने की मांग
अशोक अरोड़ा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को युवाओं के शोषण का माध्यम करार दिया। उन्होंने कहा कि एक ही तरह का कार्य करने वाले नियमित कर्मचारियों और HKRN के तहत लगे कर्मियों के वेतन व सुविधाओं में भारी अंतर है। उन्होंने मांग की कि इस निगम को तुरंत भंग किया जाए और भविष्य में सभी सरकारी भर्तियां स्थायी आधार पर की जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा व्यवस्था से कर्मचारी हीन भावना का शिकार हो रहे हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा व पेंशन का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
बैठक के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने भी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पार्टी अब बूथ स्तर तक अपनी जड़ें जमाएगी, जिसके लिए ब्लॉक और मंडल स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाएगा ताकि आगामी चुनौतियों का सामना मजबूती से किया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
