ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

बुरहानपुर में AIMIM को बड़ा झटका: एकमात्र पार्षद रफीक अहमद ने छोड़ी पार्टी, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को बुरहानपुर में झटका लगा है। नगर निगम में पार्टी के एकमात्र पार्षद रफीक अहमद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

21 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
बुरहानपुर में AIMIM को बड़ा झटका: एकमात्र पार्षद रफीक अहमद ने छोड़ी पार्टी, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल
मूल स्रोत

बुरहानपुर नगर निगम में AIMIM की स्थिति कमजोर

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नगर निगम में पार्टी के एकमात्र पार्षद रफीक अहमद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और प्रदेश प्रभारी को भेज दिया है, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।

रफीक अहमद का इस्तीफा पार्टी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह नगर निगम में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले अकेले पार्षद थे। उनके इस कदम से बुरहानपुर में पार्टी का आधार कमजोर होता दिख रहा है। इस्तीफे की घोषणा के बाद से ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक कयासों का दौर शुरू हो गया है।

पार्टी नेतृत्व पर लगाए उपेक्षा के आरोप

इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पार्षद रफीक अहमद ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय से पार्टी के भीतर दरकिनार किया जा रहा था। अहमद के अनुसार, मध्य प्रदेश से लेकर बुरहानपुर जिले तक पार्टी का नेतृत्व पूरी तरह से निष्प्रभावी हो चुका है और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पार्टी में केवल रसूखदार और अमीर लोगों को ही तवज्जो दी जाती है, जबकि आम और गरीब कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे भविष्य में कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे रखी।

प्रदेश अध्यक्ष का बयान और भविष्य की चुनौतियां

पार्षद के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा कि उन्हें अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद ही इस मामले पर पार्टी स्तर पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने इस घटना को पार्टी के लिए नुकसान मानने से इनकार किया है।

मोहसिन अली खान ने दावा किया कि पार्टी बुरहानपुर में पूरी तरह से सक्रिय है। उन्होंने आगामी निकाय और विधानसभा चुनावों को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि पार्टी बुरहानपुर में महापौर और विधायक दोनों पदों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और जीत हासिल करेगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर एकमात्र पार्षद के जाने से पार्टी को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

बुरहानपुर में AIMIM की पैठ जमाने की कोशिशों के बीच यह इस्तीफा एक बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी अपने असंतुष्ट नेताओं को साधने में विफल रहती है, तो आने वाले चुनावों में इसका सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल, रफीक अहमद के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें