किशनगंज को मिली बड़ी सौगात: अमृत 2.0 के तहत 53 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी
Kishanganj drinking water project approved under Amrut 2.0 mission. बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की पहल पर किशनगंज शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए 53 करोड़ 71 लाख 47 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

किशनगंज में सुधरेगी पेयजल व्यवस्था
बिहार के किशनगंज शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के प्रयासों से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत भारी बजट आवंटित किया गया है। इस परियोजना के लिए कुल 53 करोड़ 71 लाख 47 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
यह परियोजना किशनगंज के शहरी बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। लंबे समय से शहर में पेयजल की किल्लत और पुरानी पाइपलाइन की समस्याओं से जूझ रहे हजारों परिवारों को इस योजना के पूरा होने के बाद नियमित और शुद्ध जल की सुविधा मिल सकेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए बुडको (BUDCO) को कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और निर्माण कार्य
इस जलापूर्ति परियोजना के तहत व्यापक स्तर पर निर्माण कार्य किए जाएंगे। योजना में 3,892 नए गृह जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। तकनीकी रूप से इसे मजबूत बनाने के लिए 14 आयरन रिमूवल प्लांट स्थापित किए जाएंगे, ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके। साथ ही, 7 नए पंप हाउस का निर्माण और 110 से 1,958 किलोलीटर क्षमता वाले पांच बड़े जलमीनार बनाए जाएंगे।
परियोजना के विस्तार के लिए शहर में 178.21 किलोमीटर लंबा जल वितरण नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके अलावा, 720 मीटर की क्लियर वाटर राइजिंग मेन लाइन भी डाली जाएगी। पुराने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए 10 मौजूदा बोरवेल का इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उन्नयन किया जाएगा और नए बोरवेल भी खोदे जाएंगे, जिससे पानी की उपलब्धता में निरंतरता बनी रहे।
वित्तीय ढांचा और भविष्य की राह
इस परियोजना का वित्तीय भार केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगे। कुल स्वीकृत राशि में से 15.70 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा और 38.01 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। यह आवंटन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना है।
परियोजना को लेकर तकनीकी समिति ने 30 जून 2026 को आयोजित अपनी बैठक में पहले ही अपनी मुहर लगा दी थी। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इस स्वीकृति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल किशनगंज के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा होने से शहर की पेयजल संबंधी पुरानी समस्याएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगी।
इस योजना के क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल मिलेगा, बल्कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में किशनगंज की जलापूर्ति व्यवस्था अधिक आधुनिक और विश्वसनीय हो जाएगी, जिससे शहर के समग्र शहरी विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
