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कानपुर: बाकरगंज में धंसी सड़क का रहस्य बरकरार, जेपी पैलेस को खाली करने का आदेश

बाकरगंज चौराहे पर सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। लगातार खिसक रही मिट्टी के कारण यह गड्ढा पल-पल बड़ा और गहरा होता जा रहा है, जिससे आसपास की इमारतों पर ढहने का खतरा मंडराने लगा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
कानपुर: बाकरगंज में धंसी सड़क का रहस्य बरकरार, जेपी पैलेस को खाली करने का आदेश
मूल स्रोत

कानपुर के बाकरगंज चौराहे पर सोमवार सुबह हुई सड़क धंसने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिससे वहां एक विशाल गड्ढा बन गया है। लगातार खिसक रही मिट्टी के कारण यह गड्ढा समय के साथ और भी गहरा और चौड़ा होता जा रहा है, जिससे आसपास की इमारतों की नींव पर खतरा मंडराने लगा है।

जेपी पैलेस को खाली करने का अल्टीमेटम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने एहतियाती कदम उठाते हुए पास स्थित 'जेपी पैलेस' गेस्ट हाउस की संचालिका ज्योति गुप्ता को भवन खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि यदि मिट्टी का कटाव इसी तरह जारी रहा, तो इमारत को नुकसान पहुंच सकता है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है।

बुधवार सुबह 11 बजे जलकल विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, दो दिन गुजर जाने के बावजूद अधिकारी अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि सड़क धंसने का वास्तविक कारण क्या है। विभागीय तालमेल की कमी के कारण समाधान में देरी हो रही है।

सीवर लीकेज या डॉट नाला: उलझे अधिकारी

सड़क धंसने के कारणों को लेकर जलकल विभाग और नगर निगम के अभियंत्रण विभाग के बीच मतभेद हैं। जलकल विभाग का प्राथमिक अनुमान है कि यह बरसों पुराना 'डॉट नाला' है जो जर्जर होकर बैठ गया है। वहीं, नगर निगम के अधिकारी इस संबंध में अभी भी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं। मंगलवार को अधिकारियों ने पंप लगाकर गड्ढे से हजारों लीटर पानी निकाला, लेकिन कुछ ही देर बाद वहां फिर से पानी भर गया, जिससे खोदाई का काम शुरू नहीं हो सका।

नगर निगम के अधिशासी अभियंता आरपी तिवारी ने बताया कि गड्ढे में लगातार पानी का रिसाव काम में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पानी के स्रोत का पता नहीं चलता और खोदाई पूरी नहीं होती, तब तक मरम्मत का कार्य शुरू करना संभव नहीं है। बुधवार को फिर से खोदाई की योजना बनाई गई है, जिसके बाद ही यह तय होगा कि वहां नया चेंबर बनाया जाए या पाइपलाइन बिछाकर सड़क को दुरुस्त किया जाए।

दुकानदारों और निवासियों में अनहोनी का डर

स्थानीय दुकानदार शाहनवाज हुसैन ने बताया कि जब सोमवार सुबह वे अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो सड़क पर बने इस बड़े गड्ढे को देखकर दंग रह गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी रोज आते हैं, पानी निकालते हैं और चले जाते हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है। गड्ढे को केवल पॉलिथीन से ढककर छोड़ दिया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से नाकाफी है।

फिलहाल, प्रशासन ने घटनास्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर इसे असुरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। आसपास के निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि जब तक मुख्य फॉल्ट का पता नहीं चलता, तब तक उनके मन में अनहोनी का डर बना रहेगा। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोगों ने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा करने की मांग की है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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