जोधपुर: कार सर्विस सेंटर में लगी भीषण आग, 10 से अधिक गाड़ियां जलकर खाक
जोधपुर के प्रतापनगर इलाके में देर रात एक कार गैराज में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि ये गैराज के पास बने दो मकानों तक पहुंच गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जोधपुर के प्रतापनगर में भीषण अग्निकांड
राजस्थान के जोधपुर शहर में देर रात एक कार सर्विस सेंटर में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कमला नेहरू नगर स्थित एलएमजे कार सर्विस सेंटर में शुरू हुई यह आग इतनी तेजी से फैली कि इसने आसपास के रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में 10 से अधिक गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें इतनी ऊंची और तेज थीं कि वे पास में स्थित दो मकानों तक पहुंच गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग की लपटें काफी दूर से ही देखी जा सकती थीं।
दमकल की 15 गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। बासनी, शास्त्री नगर और चौपासनी समेत कई क्षेत्रों से कुल 15 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए तैनात की गईं। दमकलकर्मियों ने रात भर कड़ी मशक्कत की ताकि आग को और अधिक फैलने से रोका जा सके।
बासनी फायर स्टेशन के प्रभारी प्रशांत सिंह ने बताया कि यह आग प्रताप नगर स्थित महिला पीजी कॉलेज के पीछे स्थित कार गैराज और टायर गोदाम में लगी थी। टायर गोदाम होने के कारण आग ने बहुत कम समय में ही भीषण रूप ले लिया, जिससे दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
नुकसान का आकलन और जांच जारी
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन का कहना है कि आग के कारणों की जांच घटना स्थल का मुआयना करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। रात 12 बजे तक दमकल विभाग की टीमें आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटी रहीं।
आगजनी की इस घटना में हुए कुल नुकसान का सही आंकड़ा गुरुवार सुबह तक सामने आने की उम्मीद है। सर्विस सेंटर के अंदर मौजूद गाड़ियों के अलावा टायर गोदाम में रखा सामान भी जलकर राख हो गया है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटनास्थल पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की घेराबंदी कर दी। दमकल विभाग की टीमें अभी भी कूलिंग प्रक्रिया पर काम कर रही हैं ताकि आग दोबारा न भड़क सके। इस घटना ने शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने प्रभावित मकानों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आगजनी के इस मामले में पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी या लापरवाही का परिणाम।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
