झालावाड़ में दो बड़े आयोजन: पूर्व सैनिकों के लिए शिविर और युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप मेला 13 को
Jhala War ex-servicemen problem solution camp upcoming. 11 जुलाई को सैनिक विश्राम गृह में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा, जबकि 13 जुलाई को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन होगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के झालावाड़ जिले में आगामी दिनों में दो प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। ये आयोजन पूर्व सैनिकों के कल्याण और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए तय किए गए हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने इन कार्यक्रमों की तैयारी पूरी कर ली है, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के लिए समस्या समाधान शिविर
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, कोटा के मार्गदर्शन में 11 जुलाई को झालावाड़ के सैनिक विश्राम गृह में एक विशेष समस्या समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है। अक्सर पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी जटिलताओं के कारण पूर्व सैनिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसे देखते हुए यह शिविर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिविर में आने वाले लाभार्थियों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य है। इसमें मुख्य रूप से डिस्चार्ज बुक, पीपीओ (PPO), पहचान पत्र और अन्य संबंधित मूल दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ही मौके पर ही समस्याओं का समाधान और उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेला 13 जुलाई को
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 जुलाई को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), झालावाड़ में 'पीएम नेशनल अप्रेंटिसशिप मेले' का आयोजन किया जाएगा। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित होने वाला यह मेला सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इसमें विभिन्न उद्योगों और प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे जो योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे।
आईटीआई के उपनिदेशक पीसी गुप्ता ने बताया कि मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा की तीन प्रतियां, तीन पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो, आधार कार्ड, दसवीं की अंकतालिका और आईटीआई उत्तीर्ण करने के प्रमाण-पत्र साथ लाने होंगे। मौके पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद अभ्यर्थी साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
देहदान करने वाले परिवारों का सम्मान
इन आयोजनों के अतिरिक्त, हाल ही में झालावाड़ कलेक्ट्रेट में एक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने उन परिवारों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जिन्होंने देहदान जैसी महान पहल में योगदान दिया है। इस दौरान शाइन इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों को भी उनके जागरूकता कार्यों के लिए सराहा गया।
मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में स्व. गिरधरी मोटवानी, स्व. राजरानी अदलक्खा, डॉ. जे.एल. लोढ़ा और मानव प्रभु के परिजनों को अभिनंदन-पत्र प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य समाज में देहदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और मानवीय सेवा के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
