ब्रेकिंग
रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग में 28 लाख का फ्लैक्स बोर्ड घोटाला: 6 डॉक्टर चार्जशीट, फर्म ब्लैकलिस्टरेवाड़ी: भिवाड़ी का दूषित पानी चार फीट ऊंचे रैंप को पार कर धारूहेड़ा में घुसाजयपुर के एसएमएस अस्पताल में नए कार्डियक सेंटर का आगाज, ओपीडी सेवाओं के साथ ट्रायल शुरूजयपुर: अजमेर रोड पर फिर बरपा मौत का कहर, 28 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी दुर्घटना में युवती की जान गईदेशभर में मानसून का कहर: बारिश और हादसों में कई लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्तमेरठ कलेक्ट्रेट हंगामा: प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वाले 5 लोगों पर FIR दर्जलखनऊ: दीपक जलाते समय 16 वर्षीय किशोरी झुलसी, हालत गंभीरविदिशा जिला अस्पताल में लापरवाही: गेट पर हुई प्रसूता की डिलीवरी, तीन नर्सिंग अधिकारी निलंबित
रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग में 28 लाख का फ्लैक्स बोर्ड घोटाला: 6 डॉक्टर चार्जशीट, फर्म ब्लैकलिस्टरेवाड़ी: भिवाड़ी का दूषित पानी चार फीट ऊंचे रैंप को पार कर धारूहेड़ा में घुसाजयपुर के एसएमएस अस्पताल में नए कार्डियक सेंटर का आगाज, ओपीडी सेवाओं के साथ ट्रायल शुरूजयपुर: अजमेर रोड पर फिर बरपा मौत का कहर, 28 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी दुर्घटना में युवती की जान गईदेशभर में मानसून का कहर: बारिश और हादसों में कई लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्तमेरठ कलेक्ट्रेट हंगामा: प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वाले 5 लोगों पर FIR दर्जलखनऊ: दीपक जलाते समय 16 वर्षीय किशोरी झुलसी, हालत गंभीरविदिशा जिला अस्पताल में लापरवाही: गेट पर हुई प्रसूता की डिलीवरी, तीन नर्सिंग अधिकारी निलंबित

झज्जर: बैंक रोड पर दो महीने से जारी खुदाई से व्यापारियों और आमजन की बढ़ी मुश्किलें

Jhajjar Bank Road waterlogging, merchants blame PWD for pre-monsoon road damage. झज्जर शहर के सबसे व्यस्त बैंक रोड की बदहाल हालत ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर परिषद की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून शुरू होने से पहले सड़क निर्माण के लिए रोड को उखाड़ दिया गया था, लेकिन करीब दो महीने बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 432
झज्जर: बैंक रोड पर दो महीने से जारी खुदाई से व्यापारियों और आमजन की बढ़ी मुश्किलें
click here

मानसून से पहले सड़क खुदाई, अब जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत

झज्जर शहर का मुख्य व्यावसायिक मार्ग 'बैंक रोड' इन दिनों भारी अव्यवस्था का शिकार है। करीब दो महीने पहले सड़क निर्माण के नाम पर इसे खोद दिया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा न होने के कारण यह मार्ग बदहाल स्थिति में है। मानसून की दस्तक के साथ ही इस अधूरी सड़क पर जलभराव की समस्या ने स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

बैंक रोड शहर का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है। यहां कई बैंकों की शाखाएं, शोरूम, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। सड़क की खुदाई के कारण यहां आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थानीय निवासियों और बैंक ग्राहकों का कहना है कि प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के कारण उन्हें रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दुकानों में घुसा बरसाती पानी, कारोबार पर असर

बारिश के दौरान जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर जमा पानी अब दुकानों के भीतर तक पहुंच रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जलभराव के चलते उनका सामान खराब होने का खतरा बना हुआ है। ग्राहकों के लिए दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसका सीधा असर उनके दैनिक कारोबार पर पड़ रहा है।

व्यापारियों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर कड़ा रोष जताया है। उनका तर्क है कि यदि सड़क का निर्माण करना ही था, तो मानसून के मौसम से पहले इसे पूरा किया जाना चाहिए था। बारिश के समय सड़क को उखाड़कर छोड़ देना प्रशासन की अदूरदर्शिता को दर्शाता है।

प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

बैंकों में आने वाले उपभोक्ताओं, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग शामिल हैं, के लिए यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। हसनपुर के निवासी बलवान ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से बैंक के काम से यहां आना पड़ता है, लेकिन पिछले दो महीनों से सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकाला है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी है। एक तरफ सड़क निर्माण समय पर पूरा नहीं हुआ, वहीं दूसरी तरफ नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम भी नहीं किए गए। पहली ही अच्छी बारिश ने सड़क को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

जल्द निर्माण की मांग

शहरवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बैंक रोड के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई है ताकि मानसून के दौरान लोगों को राहत मिल सके और व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल सकें।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें