जयपुर: मृत मां को जीवित बताकर पेंशन के 6.30 लाख डकारे, बैंक मैनेजर समेत तीन गिरफ्तार
Jaipur pension fraud case: 6.30 Lakh rupees swindled. जयपुर में एक बैंक को धोखा देकर 6.30 लाख रुपए हड़पने में बैंक मैनेजर सहित तीन जनों को अरेस्ट किया है। मृत महिला को जीवित बताकर पेंशन के रुपए मिलीभगत कर बैंक अकाउंट में निकाले गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मृत्यु के बाद भी जारी रही पेंशन, बैंक के साथ रची गई बड़ी साजिश
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक हैरान कर देने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने अपनी मृत मां को जीवित बताकर बैंक से लाखों रुपये की पेंशन राशि हड़प ली। इस पूरे खेल में उसने अपनी गर्लफ्रेंड और एक बैंक कर्मचारी को भी शामिल किया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बैंक मैनेजर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज अहमद कुरैशी, लालचंद और खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा के रूप में हुई है। आरोपी लालचंद ने अपनी मां शांति देवी की मृत्यु के बाद भी उनके बैंक खाते का इस्तेमाल जारी रखा। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने बैंक में तैनात कर्मचारी सिराज अहमद कुरैशी के साथ साठगांठ की।
बैंक मैनेजर की मिलीभगत से हुआ गबन
जांच में सामने आया है कि लालचंद की मां शांति देवी का निधन 2 मई 2021 को हो गया था। इसके बावजूद, आरोपियों ने नगर निगम से प्राप्त होने वाली पेंशन को बंद नहीं होने दिया। उन्होंने बैंक में फर्जी जीवित प्रमाण पत्र जमा कराए और बैंक कर्मचारी सिराज अहमद कुरैशी की मदद से खाते से लगातार पैसे निकालते रहे। इस तरह उन्होंने कुल 6.30 लाख रुपये की राशि का गबन किया।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक प्रबंधन को खातों की नियमित जांच के दौरान अनियमितताएं नजर आईं। एसबीआई की राजपार्क शाखा के प्रबंधक तपिश श्रीवास्तव ने 9 जनवरी को इस संबंध में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि शांति देवी के खाते में उनके और उनके मृत पति राम किशोर की पेंशन लगातार आ रही थी और मौत के बाद भी एटीएम के जरिए पैसे निकाले जा रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने नगर निगम से शांति देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर उनकी मौत की पुष्टि की। इसके बाद साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने लालचंद, उसकी गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित और बैंक कर्मचारी सिराज अहमद कुरैशी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह मामला बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षा खामियों और मिलीभगत की ओर इशारा करता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने इसी तरह के अन्य खातों को भी निशाना बनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के अन्य रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर बैंक प्रशासन को भी सख्त आंतरिक जांच करने की आवश्यकता है।
फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने शहर में पेंशनभोगियों और बैंक खाताधारकों के बीच हड़कंप मचा दिया है, जिससे लोग अपने खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
