जयपुर के नेशनल हाईवे पर सफर हुआ महंगा, टोल दरों में 30 रुपये तक की बढ़ोतरी
Jaipur toll tax rates increased NHAI highway travel cost hike 2026 latest news updates. जयपुर से होकर गुजर रहे नेशनल हाइवे पर गुजरने वाले ट्रक, बस, लॉरी चालकों को अब ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल की दरों में रात से बढ़ोतरी की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सफर पर अतिरिक्त बोझ: टोल दरों में तत्काल प्रभाव से वृद्धि
जयपुर से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर यात्रा करना अब आम जनता और वाहन चालकों के लिए महंगा हो गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल टैक्स की दरों में संशोधन करते हुए बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें सोमवार रात 12 बजे से प्रभावी हो चुकी हैं, जिसके बाद से हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को अब अपनी जेब अधिक ढीली करनी पड़ रही है।
इस बढ़ोतरी के दायरे में जयपुर-दिल्ली ओल्ड हाईवे, जयपुर-सीकर बाइपास और अजमेर-आगरा कनेक्टिंग रिंग रोड शामिल हैं। NHAI के इस फैसले से मनोहरपुर, सीतारामपुरा और टाटियावास टोल प्लाजा पर गुजरने वाले वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ा है। बढ़ोतरी की सीमा 5 रुपये से लेकर 30 रुपये तक तय की गई है, जो वाहन के प्रकार और रूट के आधार पर अलग-अलग है।
विभिन्न रूटों पर टोल का गणित
मनोहरपुर टोल प्लाजा पर निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए टोल शुल्क में 5 रुपये की वृद्धि की गई है। वहीं, शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर निजी वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी 20 रुपये तक पहुंच गई है। पहले यहां टोल दर 195 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 215 रुपये कर दिया गया है। इन बदलावों के कारण दिल्ली-जयपुर के बीच का सफर अब पहले की तुलना में 25 रुपये तक महंगा हो गया है।
भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए यह बोझ और भी अधिक है। मिनी ट्रक, बस और बड़े कमर्शियल वाहनों के लिए टोल दरों में 5 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। हाईवे प्रबंधन के अनुसार, यह संशोधन निर्धारित नियमों के तहत किया गया है, जिससे माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की लागत में भी वृद्धि होने की संभावना है।
व्यावसायिक वाहनों पर अधिक दबाव
जयपुर-सीकर मार्ग पर स्थित टाटियावास टोल और रिंग रोड पर स्थित सीतारामपुरा टोल पर भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। हालांकि, इन विशेष रूटों पर राहत की बात यह है कि निजी वाहनों के लिए टोल दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां की बढ़ी हुई दरें मुख्य रूप से व्यावसायिक वाहनों पर केंद्रित हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा।
NHAI की ओर से जारी इन निर्देशों के बाद टोल प्लाजाओं पर नई दरें प्रदर्शित कर दी गई हैं। रात 12 बजे के बाद से ही टोल कर्मियों ने संशोधित शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। जिन वाहन चालकों के पास फास्टैग (FASTag) है, उनके खातों से भी अब नई दरों के अनुसार ही राशि काटी जा रही है।
यातायात और आर्थिक प्रभाव
टोल दरों में हुई इस अचानक वृद्धि को लेकर वाहन चालकों में असंतोष देखा जा रहा है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो दैनिक रूप से इन मार्गों का उपयोग करते हैं, यह अतिरिक्त खर्च उनके मासिक बजट को प्रभावित करेगा। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि टोल टैक्स में बढ़ोतरी का असर अंततः आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से बाजार में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, NHAI की ओर से इस बढ़ोतरी के पीछे के विस्तृत कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इसे वार्षिक संशोधन प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन बढ़ी हुई दरों के कारण हाईवे पर यातायात के पैटर्न में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है, क्योंकि वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों की तलाश कर सकते हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
