अंबाला में निर्माणाधीन इमारत ढही: लेंटर डालते समय हुआ हादसा, 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत
हादसे के समय मौके पर 40 से 50 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा के अंबाला जिले के धूलकोट गांव में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। घटना के समय इमारत की तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर जुटे हुए थे। इस दर्दनाक हादसे में अब तक चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि नौ अन्य घायल हुए हैं।
लेंटर डालते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे जब निर्माण कार्य अपने चरम पर था, तभी अचानक इमारत का ढांचा ढह गया। बताया जा रहा है कि उस समय मौके पर 40 से 50 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से अफरा-तफरी मच गई और मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे 13 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। अन्य नौ घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और मलबे में दबे होने की आशंका
घटनास्थल पर बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को भी तैनात किया गया है। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। डीएसपी शिवम ने बताया कि बचाव दल मलबे की हर परत की जांच कर रहा है। अभी भी कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते सर्च ऑपरेशन जारी है।
हादसे के बाद इलाके में मातम पसर गया है। प्रशासन ने घटनास्थल के चारों ओर घेराबंदी कर दी है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। घायलों के परिजनों को अस्पताल में सूचना दे दी गई है, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं।
शटरिंग में खामी का आरोप
इस हादसे के पीछे निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की बातें भी सामने आ रही हैं। रामचंद्र नाम के एक मजदूर ने, जो पहले इसी साइट पर काम करता था, गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि दो दिन पहले ही लेंटर डालने के लिए शटरिंग की गई थी, लेकिन वह तकनीकी रूप से कमजोर थी। उसने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वहां से काम छोड़ दिया था।
मजदूर के मुताबिक, सुपरवाइजर मलकीत की देखरेख में काम चल रहा था। हादसे में सुपरवाइजर मलकीत के साथ-साथ मिस्त्री राम, राजेंद्र और अजय के भी मलबे में दबे होने की जानकारी मिली है। प्रशासन अब इन आरोपों की जांच कर रहा है कि क्या निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का पूरा ध्यान अभी मलबे में दबे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!