मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर: कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी
Madhya Pradesh heavy rains wreak havoc. Floodwaters enter homes, tractors capsize, bridges submerged, roads blocked. Follow Dainik Bhaskar Latest Updates. मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। कहीं गांवों में बाढ़ का पानी घरों और स्कूलों में घुस गया, कहीं तेज बहाव में ट्रैक्टर पलट गया, तो कहीं पुलों के ऊपर से नदियां बहने लगीं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आई तस्वीरों और रिपोर्टों के अनुसार, भारी जलभराव के कारण कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट गया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सीहोर और आष्टा में बिगड़े हालात
सीहोर जिले के भवरा गांव में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, जहां नदी का पानी रिहायशी इलाकों और स्कूलों में घुस गया है। वहीं, आष्टा क्षेत्र में तेज बहाव के कारण एक ट्रैक्टर पलटने की घटना सामने आई है, हालांकि जेसीबी की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। क्षेत्र की पार्वती और तप नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
आष्टा के अमलाहा-गोलूखेड़ी मार्ग पर अजनाल नदी का जलस्तर पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा, किल्लौद ब्लॉक के गरबड़ी गांव में उफनते नाले के कारण खिरकिया मार्ग बंद हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नदी-नालों का रौद्र रूप और संपर्क मार्ग बाधित
राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का कहर जारी है। हरदा जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। वहीं, खंडवा में पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कालीमाचक नदी का जलस्तर पुल से तीन फीट ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इन क्षेत्रों में चार इंच तक बारिश दर्ज की जा सकती है।
चंबल नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर है। एक दुखद घटना में, एक पंचायत कर्मी का शव नदी से बरामद किया गया है, जो शनिवार सुबह पानी के तेज बहाव में बह गया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के पास न जाएं और सावधानी बरतें।
किसानों के लिए मिली-जुली स्थिति
जहां एक ओर बारिश ने तबाही मचाई है, वहीं खरगोन जैसे कुछ जिलों में यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई का काम आसान हो गया है, जिससे किसानों की चिंताएं कुछ कम हुई हैं। भगवानपुरा क्षेत्र में तीन इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो जिले के औसत से अधिक है।
फिलहाल, राज्य के 40 से अधिक जिलों में मानसून सक्रिय है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों में और अधिक बारिश होने की संभावना जताई है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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