उत्तर भारत में मानसून का रौद्र रूप: अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर लगी रोक, 14 राज्यों में अलर्ट
Amarnath Vaishno Devi Yatra suspended due to heavy rainfall across 14 North Indian states. अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई; मध्यप्रदेश में बारिश के लिए गधों को गुलाब जामुन खिलाए। यूपी-दिल्ली-पंजाब समेत उत्तर भारत के 14 राज्यों में भारी बारिश।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

देशभर में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है, जिसके चलते उत्तर भारत के 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। इस भारी बारिश और खराब मौसम के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अमरनाथ और वैष्णो देवी की पवित्र तीर्थयात्राओं को अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया है।
तीर्थयात्राओं पर संकट और भूस्खलन की मार
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन की घटनाओं के बाद घोड़े-खच्चरों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं, कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था, जिसमें 50 तीर्थयात्री शामिल हैं, पिथौरागढ़ के धारचूला बेस कैंप में फंस गया है। गरबाधार में हुए भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया है।
अरुणाचल प्रदेश में मानसून की मार सबसे अधिक देखी जा रही है। राज्य के 26 जिलों के करीब 576 गांव बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है और लगभग डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम में भी ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे गुवाहाटी सहित कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
विभिन्न राज्यों में मौसम का हाल
राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट डूब गए हैं, जबकि आगरा में ताजमहल के आसपास मानसूनी बादलों का डेरा है। उत्तराखंड के ऋषिकेश और देहरादून में सड़कों पर जलभराव की समस्या से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के भोपाल में बारिश की कमी से परेशान लोगों ने एक अनोखा टोटका अपनाया। वहां के निवासियों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए गधों को गुलाब जामुन खिलाए। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के पारंपरिक टोटकों से अच्छी बारिश हो सकती है, हालांकि राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में अभी भी मानसून की प्रतीक्षा की जा रही है।
आगामी 48 घंटों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी ऑरेंज अलर्ट के तहत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
आने वाले दिनों में पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। दक्षिण भारत के कर्नाटक और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को नदियों के किनारे न जाने और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचने की सलाह दी है। राहत और बचाव कार्य के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
