हरियाणा: नूंह में कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक मोहम्मद इलियास के बेटे जावेद खान थामेंगे भाजपा का दामन
Javed Ilyas son of MLA Mohammad Ilyas joins BJP in Punhana ahead of Mewat Rally. जावेद का भाजपा में शामिल होना मेवात की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। रैली से एक दिन पहले जावेद ने दावा किया कि मेवात विकास संकल्प रैली ऐतिहासिक होगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा की राजनीति में नूंह जिले को कांग्रेस का अभेद्य गढ़ माना जाता है, लेकिन अब भाजपा यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद में जुटी है। इसी कड़ी में पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास के बेटे जावेद खान भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। शनिवार को पुन्हाना में आयोजित होने वाली 'मेवात विकास संकल्प रैली' के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में जावेद खान आधिकारिक रूप से भाजपा का दामन थामेंगे।
राज्यसभा चुनाव के बाद से बदली समीकरण
विधायक मोहम्मद इलियास के बेटे का भाजपा में जाना अचानक नहीं है। राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के बाद से ही मोहम्मद इलियास के भाजपा नेताओं के साथ करीबी संबंध चर्चा का विषय बने हुए हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सैनी से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। इन गतिविधियों के चलते कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया है। हालांकि, विधायक इलियास ने अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जब उन्हें सरकार से विकास कार्यों का लाभ मिल रहा है, तो इस्तीफे की आवश्यकता नहीं है।
जावेद खान ने स्वयं भाजपा में शामिल होने की पुष्टि की है। वे पिछले कुछ दिनों से पुन्हाना में मुख्यमंत्री की रैली के लिए जनसंपर्क कर रहे हैं और लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि यदि स्वास्थ्य ने साथ दिया, तो कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास खुद भी इस रैली में मंच पर मौजूद रह सकते हैं।
जावेद खान का राजनीतिक सफर और दल-बदल
पेशा से अधिवक्ता जावेद खान का राजनीतिक करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे पहले कांग्रेस के साथ जुड़े थे, लेकिन बाद में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के दौरान उन्होंने जजपा का दामन थाम लिया था। जजपा ने उन्हें नूंह का जिलाध्यक्ष भी बनाया था। हालांकि, बाद में कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वे फिर से कांग्रेस के करीब आ गए, जिसके चलते जजपा ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था। अब एक बार फिर वे पाला बदलते हुए भाजपा के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं।
नूंह में भाजपा की रणनीति
भाजपा की नजर नूंह जिले की तीनों विधानसभा सीटों—पुन्हाना, फिरोजपुर झीरका और नूंह—पर है, जहां वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है और भाजपा यहां हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के साथ-साथ मुस्लिम वोट बैंक में भी सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के दो दिवसीय गुरुग्राम-नूंह दौरे का मुख्य उद्देश्य भी यही है। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, ताकि क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सके।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच कांग्रेस विधायकों में मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इजराइल शामिल थे। इन सभी के नाम सामने आने के बाद से ही ये विधायक भाजपा सरकार के कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय देखे जा रहे हैं। इससे पहले साढ़ौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति ऋषिपाल भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के बागी नेताओं को भाजपा अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है।
आने वाले समय में नूंह की राजनीति में यह घटनाक्रम कितना असरदार साबित होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, भाजपा का पूरा ध्यान पुन्हाना की रैली को सफल बनाने और कांग्रेस के प्रभाव को कम करने पर केंद्रित है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
