ग्वालियर में साइबर ठगी: बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से तीन दिन में पार किए 2.71 लाख रुपए
पासबुक एंट्री कराने पहुंचे बेटे के उड़े होश, मां के पीएनबी खाते से ₹2.71 लाख पार। तीन दिन में 07 ट्रांजेक्शन अकाउंट किया खाली।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पासबुक एंट्री कराने पर सामने आया बड़ा फ्रॉड
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सिंध विहार निवासी एक बुजुर्ग महिला के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते को निशाना बनाकर अज्ञात ठगों ने 2.71 लाख रुपए की चपत लगा दी। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब महिला का बेटा बैंक की पासबुक अपडेट कराने के लिए शाखा पहुंचा। ट्रांजेक्शन की एंट्री देखकर उसके होश उड़ गए।
पीड़ित महिला माया अग्रवाल का खाता नया बाजार स्थित पीएनबी शाखा में है। उनके बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि वे नियमित अंतराल पर अपनी मां के खाते की पासबुक अपडेट करवाते रहते हैं। जब वे दो दिन पहले बैंक पहुंचे और पासबुक प्रिंट करवाई, तो पता चला कि 22 जून से 25 जून के बीच खाते से बड़ी रकम गायब हो चुकी है।
तीन दिनों में सात बार में निकाली गई रकम
बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगों ने बेहद शातिराना तरीके से तीन दिनों के भीतर कुल सात अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। इन सात बार के लेन-देन में कुल 2.71 लाख रुपए खाते से निकाल लिए गए। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान न तो कोई ओटीपी (OTP) आया और न ही मोबाइल पर कोई अलर्ट मैसेज प्राप्त हुआ।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी या ओटीपी साझा नहीं किया था। न ही उन्हें किसी बैंक अधिकारी के नाम पर कोई संदिग्ध कॉल प्राप्त हुआ था। मोबाइल नंबर लिंक होने के बावजूद सूचना न मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर खाता ब्लॉक करवाया। इसके बाद झांसी रोड थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस अब बैंक से उन सभी सात ट्रांजेक्शन की विस्तृत जानकारी मांग रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा किस यूपीआई आईडी या मर्चेंट अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है।
झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस टीम अब उन आईपी एड्रेस और संबंधित बैंक खातों की पड़ताल कर रही है, जहां यह रकम भेजी गई है। पुलिस का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव होगा।
साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर आम लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति आगाह किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही कोई ओटीपी न आए, लेकिन समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहना चाहिए। यदि खाते में कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत बैंक को सूचित कर खाता फ्रीज करवा देना चाहिए ताकि आगे के नुकसान से बचा जा सके।
फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े गिरोह का काम है या फिर बैंक के सिस्टम में किसी तकनीकी खामी का फायदा उठाया गया है। पीड़ित परिवार को अब पुलिस की जांच से न्याय की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!