गुरुग्राम: निवेश के नाम पर 33.55 लाख की ठगी, बैंक खाता मुहैया कराने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर हुई लाखों की धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल पीड़ितों से ठगी गई रकम को खपाने के लिए किया गया था।
क्या है पूरा मामला
मामले की शुरुआत 6 अगस्त 2025 को हुई थी, जब एक पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश करने पर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। इस झांसे में आकर उसने साइबर अपराधियों के बताए गए खातों में कुल 33 लाख 55 हजार रुपये जमा कर दिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद मांगी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की टीम ने बैंकिंग ट्रांजैक्शन और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 25 लाख 70 हजार रुपये, एक विशेष बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
मुंबई से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस की गहन जांच में उस बैंक खाते के धारक की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर निवासी चेतन सूर्यकांत जगताप के रूप में हुई। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुंबई से हिरासत में लिया और प्रोडक्शन वारंट पर गुरुग्राम लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था।
आरोपी ने खुलासा किया कि वह ठगी की रकम को अपने खाते में मंगवाने के बदले 4 प्रतिशत का कमीशन लेता था। यह खुलासा इस बात की पुष्टि करता है कि किस तरह से संगठित साइबर गिरोह आम लोगों के बैंक खातों का उपयोग अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल गुरुग्राम पुलिस आरोपी चेतन सूर्यकांत से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है जो निवेश के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि आरोपी ने कितने और लोगों के बैंक खाते इस तरह के अवैध कामों के लिए उपलब्ध कराए हैं।
साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग का विवरण न दें। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!