ग्रेटर नोएडा: सुरक्षा गार्डों का फूटा गुस्सा, 13 घंटे की ड्यूटी और महीनों से वेतन न मिलने पर डीएम से लगाई गुहार
Greater Noida security guards protest 13-hour duty, no leaves, April salary pending. कर्मचारियों ने 12 से 13 घंटे ड्यूटी कराने, अवकाश नहीं देने और अप्रैल से वेतन का भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

डीएम कार्यालय पहुंचे सुरक्षा गार्ड, सुनाई अपनी आपबीती
ग्रेटर नोएडा के शारदा केयर अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने अपनी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। जूपिटर सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से कार्यरत इन कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। गार्डों का आरोप है कि उन्हें न केवल निर्धारित समय से अधिक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, बल्कि पिछले कई महीनों से उनका वेतन भी अटका हुआ है।
प्रदर्शनकारी गार्डों के अनुसार, लगभग 91 कर्मचारी इस गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि एजेंसी द्वारा श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके कारण उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बकाया वेतन दिलाने की पुरजोर मांग की है।
बिना छुट्टी के 13 घंटे की ड्यूटी का दबाव
पीड़ित सुरक्षा गार्डों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 12 से 13 घंटे तक ड्यूटी ली जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि महीने के सभी 30 दिन काम करने के बावजूद उन्हें कोई साप्ताहिक अवकाश या अन्य छुट्टियां नहीं दी जाती हैं। लगातार बिना ब्रेक के काम करने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ रहा है, लेकिन एजेंसी के अधिकारी उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
गार्ड रूबी ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्हें 17,800 रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था। उनका आरोप है कि अप्रैल महीने से उन्हें वेतन का एक भी पैसा नहीं मिला है। इसके अलावा, वेतन वृद्धि का जो वादा एजेंसी ने किया था, उसे भी आज तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
आर्थिक संकट और प्रशासन से न्याय की उम्मीद
वेतन न मिलने के कारण इन सुरक्षाकर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि वे अपने दैनिक खर्चों और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
प्रशासन से की गई शिकायत में गार्डों ने स्पष्ट किया है कि वे केवल अपना मेहनत का पैसा और श्रम नियमों के अनुसार काम करने का अधिकार चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मामले में सख्त रुख अपनाएगा और उन्हें उनका बकाया भुगतान जल्द से जल्द दिलवाएगा।
एजेंसी का पक्ष और भविष्य की स्थिति
वहीं, इस पूरे विवाद पर जूपिटर सिक्योरिटी एजेंसी के फील्ड ऑफिसर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कर्मचारियों की शिकायतों को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। एजेंसी के प्रतिनिधि ने दावा किया है कि अगले एक से दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि क्या एजेंसी अपने वादे पर खरी उतरती है या फिर कर्मचारियों को अपने हक के लिए आगे भी संघर्ष करना पड़ेगा। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच के संकेत दिए गए हैं, जिससे पीड़ित कर्मचारियों को न्याय की उम्मीद जगी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
