भोपाल-विदिशा हाईवे पर भीषण हादसा: अनियंत्रित कंटेनर ने पांच गायों को कुचला, चालक फरार
Bhopal-Vidisha Highway 18 accident: Container crushes 5 cows. तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर बैठी पांच गायों को कुचल दिया। इस हादसे में सभी गायों की मौके पर ही मौत हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हाईवे पर दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे दीवानगंज स्थित फैक्ट्री चौराहा के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर बैठी पांच गायों को बेरहमी से कुचल दिया। इस हादसे में सभी पांचों गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत दीवानगंज चौकी पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सलामतपुर थाना पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कंटेनर की घेराबंदी करने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को सड़क पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
पुलिस ने मौके से कंटेनर (एमपी-40 जेडजी-7077) को जब्त कर लिया है और उसे सलामतपुर थाने में खड़ा कराया गया है। फरार चालक की तलाश के लिए पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, स्थानीय निवासियों हेमंत साहू, निखिल साहू, इसराइल खान और अमित ठाकुर सहित अन्य लोगों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए मृत गायों के शवों को सड़क से हटाया और उन्हें हलाली डैम पहुंचाया।
सोमवार की सुबह सांची अस्पताल से पशु चिकित्सक अमित दुबे को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने सभी मृत गायों का पोस्टमार्टम किया ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस घटना ने हाईवे पर आवारा पशुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक बैठक और गौशालाओं की स्थिति
घटना के बाद दीवानगंज चौकी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम मनीष शर्मा, नायब तहसीलदार ललित सक्सेना, सलामतपुर थाना प्रभारी श्याम राज सिंह और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा हाईवे पर बढ़ते आवारा पशुओं के खतरे और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना था।
बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि गीदगढ़ गौशाला का निर्माण कार्य तीन साल पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। इस कारण पशुओं को वहां शिफ्ट नहीं किया जा पा रहा है, जिससे वे सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
भविष्य की रणनीति
एसडीएम मनीष शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि गीदगढ़ गौशाला में बिजली और पानी की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस फरार चालक की पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में काम कर रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईवे पर पशुओं के विचरण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और गौशालाओं को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
