गया में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: 2.91 करोड़ की धोखाधड़ी में एक गिरफ्तार, 47 सिम कार्ड बरामद
गयाजी पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना गयाजी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गया में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
गया पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गयाजी साइबर थाना और पटना स्थित साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की संयुक्त टीम द्वारा की गई। इस गिरोह के तार देश के कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है, जो निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल नंबर और 47 संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन नंबरों का उपयोग देशभर में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था। अब तक इन सिम कार्डों से जुड़े 22 साइबर अपराध के मामले दर्ज पाए गए हैं, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ है।
गरीबों के दस्तावेजों का होता था दुरुपयोग
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी गोविंद कुमार ने खुलासा किया कि वह ग्रामीण इलाकों के जरूरतमंद और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था। वह उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग करके सिम कार्ड जारी करवाता था। कई मामलों में तो संबंधित व्यक्ति को पता भी नहीं होता था कि उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए गए हैं।
इन सिम कार्डों को बाद में साइबर अपराधियों के गिरोह को बेच दिया जाता था। अपराधी इन नंबरों का इस्तेमाल फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और लुभावने प्रलोभन देकर आम लोगों को ठगने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी डोभी थाना क्षेत्र के अमारुत गांव का रहने वाला है और उसे आमस इलाके से पकड़ा गया है।
तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण किया गया था। जांच में पाया गया कि कई राज्यों में दर्ज ठगी के मामलों में एक ही तरह के मोबाइल नंबर बार-बार सामने आ रहे थे। गहन तकनीकी अनुसंधान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी नंबर गया जिले में संचालित एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के माध्यम से जारी किए गए थे।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद छापेमारी की। पुलिस अब जब्त किए गए सिम कार्डों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की आम जनता से अपील
अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, ठगी की राशि और मामलों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। पुलिस ने साइबर थाना गया में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
साइबर पुलिस ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज साझा न करें। साथ ही, अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें, क्योंकि इसका दुरुपयोग गंभीर अपराधों में हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!