फरीदाबाद: प्रेमिका की हत्या के बाद दो दशक से फरार चल रहा दोषी दिल्ली से गिरफ्तार
फरीदाबाद में 20 साल से फरार उम्रकैद का कैदी गिरफ्तार।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने एक ऐसे अपराधी को दबोचने में सफलता हासिल की है, जो पिछले 20 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। यह आरोपी अपनी प्रेमिका की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद से ही फरार चल रहा था। पुलिस ने लंबी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
वर्ष 2001 में हुई थी वारदात
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल 2001 को हुई थी, जब सूरजकुंड थाना क्षेत्र में एक महिला की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि महिला का प्रेमी विकाश उर्फ विकी था। पुलिस ने वारदात के महज 10 दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के बाद जुलाई 2002 में अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
दोषी विकाश ने अपनी सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। इस दौरान मई 2006 में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उसने कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया और फरार हो गया। इसके बाद से ही वह लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा।
दिल्ली में छिपकर रह रहा था आरोपी
फरार होने के बाद विकाश दिल्ली के मंडावली स्थित चंद्र विहार इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता के निर्देशानुसार, फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की टीम ने उस पर नजर रखी। पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के हापुड़ जैसे संभावित ठिकानों पर भी कई बार दबिश दी थी।
अंततः तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को दिल्ली के चंद्र विहार में एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत फरीदाबाद लाया गया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की सतर्कता से मिली कामयाबी
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि आरोपी विकाश मूल रूप से दिल्ली के पांडव नगर का रहने वाला है। दो दशक तक फरार रहने के बावजूद क्राइम ब्रांच ने हार नहीं मानी और लगातार उसके नेटवर्क को ट्रैक करती रही। इस गिरफ्तारी के साथ ही एक पुराने और लंबित मामले का पटाक्षेप हो गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फरार रहने के दौरान उसने किन-किन लोगों की मदद ली थी।
यह कार्रवाई फरीदाबाद पुलिस की उस कार्ययोजना का हिस्सा है जिसके तहत उन अपराधियों को पकड़ा जा रहा है जो जमानत मिलने के बाद से कोर्ट में पेश नहीं हुए और फरार घोषित कर दिए गए थे। आरोपी के पकड़े जाने से पीड़ित पक्ष को भी न्याय की प्रक्रिया पूरी होने का संतोष मिला है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!