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दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनेगा विशाल नेटवर्क: 32 हजार चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य

Delhi CM Rekha Gupta reviews EV charging network, targets 32K hubs. नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी को देश की अग्रणी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सिटी बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को नई ईवी नीति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले चार वर्षों में राजधानी में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या मौजूदा करीब 9 हजार से बढ़ाकर 32 हजार तक पहुंचाई जाए।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 270
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनेगा विशाल नेटवर्क: 32 हजार चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य
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दिल्ली को देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) राजधानी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले चार वर्षों के भीतर राष्ट्रीय राजधानी में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या को मौजूदा 9 हजार से बढ़ाकर 32 हजार तक पहुंचाया जाए।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे चार्जिंग हब

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार केवल स्टेशनों की गिनती बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाना चाहिए। इसमें फास्ट चार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वाहन चालकों का समय बच सके। साथ ही, पुराने स्लो चार्जिंग स्टेशनों को भी चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चार्जिंग हब पर बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सोलर आधारित चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रणनीतिक स्थानों पर होगा स्टेशनों का जाल

सरकार की योजना के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन ऐसे स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे जहां लोगों की पहुंच आसान हो। इनमें दिल्ली मेट्रो की पार्किंग, एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे की खाली जगह, नगर निगम की पार्किंग, डीडीए बाजार, प्रमुख मॉल, रेलवे स्टेशन और सरकारी परिसर शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों को उनके घर और कार्यस्थल के पास ही चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।

बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में बढ़ती मांग के कारण किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय

इस बड़े प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ तालमेल बिठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध सरकारी भूमि और मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करना ही इस योजना की सफलता की कुंजी है।

अधिकारियों को सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इस व्यापक नेटवर्क के तैयार होने से न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी सफलता भी हासिल होगी।

आने वाले समय में इस योजना के धरातल पर उतरने से दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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