ब्रेकिंग
सतना: पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचासोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकमचित्तौड़गढ़ में दिनदहाड़े लूट: 4.90 लाख नकद और आईफोन लेकर फरार हुए बदमाशफरीदाबाद में दर्दनाक हादसा: सड़क पार करते समय बस की चपेट में आई 6 साल की बच्ची, मौके पर ही मौतसीवान में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 2 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन में युवक गिरफ्तारभोजपुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, पति-पत्नी समेत तीन की मौतछतरपुर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त: 15 दिनों तक चलेगा जागरूकता अभियान, बेसमेंट पार्किंग अनिवार्यमध्य प्रदेश के 24 जिलों पर मंडराया सूखे का खतरा, सरकार ने शुरू की विशेष तैयारी
सतना: पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचासोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकमचित्तौड़गढ़ में दिनदहाड़े लूट: 4.90 लाख नकद और आईफोन लेकर फरार हुए बदमाशफरीदाबाद में दर्दनाक हादसा: सड़क पार करते समय बस की चपेट में आई 6 साल की बच्ची, मौके पर ही मौतसीवान में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 2 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन में युवक गिरफ्तारभोजपुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, पति-पत्नी समेत तीन की मौतछतरपुर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त: 15 दिनों तक चलेगा जागरूकता अभियान, बेसमेंट पार्किंग अनिवार्यमध्य प्रदेश के 24 जिलों पर मंडराया सूखे का खतरा, सरकार ने शुरू की विशेष तैयारी

हर्ष फायरिंग में महिला की मौत पर BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा, कोर्ट ने कहा- सत्ता का अहंकार बर्दाश्त नहीं

BJP MLA Raju Singhs arrogance leads to firing. Aisi firing sirf kanoon ka ullanghan nahin hai, balki kanoon ke shasan (Rule of Law) ki bhavna ke bhi vipreet hai.

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 982
हर्ष फायरिंग में महिला की मौत पर BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा, कोर्ट ने कहा- सत्ता का अहंकार बर्दाश्त नहीं
click here

दिल्ली की अदालत का सख्त रुख: विधायक को 4 साल की कैद

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा सुनाई है। यह मामला 7 साल पुराने उस चर्चित घटनाक्रम से जुड़ा है, जिसमें दिल्ली के एक फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी। अदालत ने सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि सत्ता के अहंकार में किया गया ऐसा कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह कानून के शासन की भावना के भी पूरी तरह विपरीत है।

न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक समारोह में हथियार लहराना और गोलियां चलाना समाज में गलत उदाहरण पेश करता है। अदालत ने बचाव पक्ष की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें विधायक के राजनीतिक रसूख और सामाजिक योगदान का हवाला देकर सजा कम करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि कानून की नजर में विधायक और आम नागरिक बराबर हैं और अपराध की गंभीरता किसी के पद से कम नहीं हो जाती।

क्या था पूरा मामला और कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्म हाउस में पार्टी चल रही थी। आरोप है कि आधी रात के समय राजू सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें अर्चना गुप्ता के सिर में गोली लग गई। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अर्चना की बाद में मौत हो गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डांस फ्लोर मेहमानों से भरा था, इसके बावजूद आरोपी ने जानबूझकर लापरवाही बरती। जज ने यह भी कहा कि समाज को न 'सिंघम' चाहिए और न 'पुष्पा', बल्कि कानून का सम्मान करने वाले नागरिक चाहिए।

अदालत ने गन कल्चर को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि हथियारों का प्रदर्शन ताकत का प्रतीक नहीं, बल्कि अपराध को बढ़ावा देने वाला कृत्य है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि विधायक ने पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया और वे आदतन अपराधी नहीं हैं, लेकिन अदालत ने इन तर्कों को अपराध की भयावहता के सामने गौण माना। पीड़िता के पति विकास गुप्ता ने कोर्ट में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि इस घटना ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश और राजनीतिक सफर

जांच के दौरान पुलिस ने पाया था कि घटना के तुरंत बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। फार्म हाउस के फर्श से खून साफ करने के लिए वहां मौजूद कर्मचारियों को पैसे देने का भी प्रयास किया गया था। चश्मदीदों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने राजू सिंह को दोषी पाया। राजू सिंह का राजनीतिक करियर हमेशा से विवादों के घेरे में रहा है। 2005 में पहली बार विधायक बनने वाले राजू सिंह पर पूर्व में भी मारपीट और अन्य आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।

इस सजा के बाद अब विधायक की सदस्यता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कानून के जानकारों के अनुसार, दो साल से अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत सदस्यता जाने का प्रावधान है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सजा का निर्धारण अपराध की गंभीरता के आधार पर किया गया है, न कि किसी की राजनीतिक स्थिति को देखकर। यह फैसला उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन कर कानून को चुनौती देते हैं।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें