सतना: पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचा
Satna police big action against illegal drug trade. Couple arrested in city. सतना में सिटी कोतवाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पति-पत्नी को अलग-अलग दबिश देकर गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के सतना जिले में सिटी कोतवाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक ऐसे पति-पत्नी के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लंबे समय से शहर में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में लिप्त थे। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
चांदनी टॉकीज के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि शहर में नशीली दवाओं की खेप खपाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने चांदनी टॉकीज के पास घेराबंदी की। वहां से अजय अग्रवाल उर्फ बंटा को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 14 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद की गई। पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर का ई-रिक्शा भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की ढुलाई के लिए किया जा रहा था। जब्त की गई कफ सिरप की बाजार कीमत लगभग 32,520 रुपये आंकी गई है।
पूछताछ के दौरान अजय अग्रवाल ने अपने नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां दीं। उसने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी सुनीता अग्रवाल भी इस अवैध धंधे में सक्रिय रूप से शामिल है। अजय की निशानदेही पर पुलिस ने रामना टोला स्थित उनके आवास के पास दबिश दी और उसकी पत्नी सुनीता को गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी के पास से मिलीं प्रतिबंधित गोलियां
सुनीता अग्रवाल की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद कीं। जांच में कुल 55 पत्ते मिले, जिनमें 550 नशीली टैबलेट थीं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पति-पत्नी मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में युवाओं को निशाना बनाकर इन नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय अग्रवाल उर्फ बंटा पहले भी नशे के कारोबार से जुड़े कई आपराधिक मामलों में नामजद रहा है। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पत्नी को भी इस अपराध की दुनिया में शामिल कर लिया था। दोनों मिलकर सुनियोजित तरीके से शहर में नशीली दवाओं का जाल फैला रहे थे।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब आरोपियों से बरामद नशीले पदार्थों के वैध लाइसेंस या दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सतना पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित दवाएं इन आरोपियों तक कहां से पहुंच रही थीं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए भी पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि नशे के इस पूरे चेन को तोड़ा जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
