भोजपुर अल्पावास गृह में युवती की संदिग्ध मौत: सुसाइड नोट में प्रेमी पर धोखे का आरोप, पिता ने जताई हत्या की आशंका
Nawada shelter home 18-year-old girl suspicious death investigation. तीन जुलाई को वह अपनी पुत्री से मिलने अल्पवास गृह पहुंचे थे। उस समय राजनंदनी ने कहा था कि कुछ दिनों में उसे वहां से छोड़ दिया जाएगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भोजपुर जिले के एक अल्पावास गृह में 18 वर्षीय राजनंदनी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। युवती का शव रविवार की सुबह कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी गई है। मृतका के पिता के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस पूरे प्रकरण की परतें खोलने में जुटी है।
पिता ने जताई हत्या की आशंका
मृतका के पिता संजय कहार ने अपनी बेटी की मौत को आत्महत्या मानने से साफ इनकार किया है। उन्होंने नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए हत्या की आशंका जताई है। पिता का कहना है कि तीन जुलाई को जब वे अपनी बेटी से मिलने अल्पावास गृह गए थे, तब राजनंदनी ने उनसे कहा था कि उसे जल्द ही वहां से रिहा कर दिया जाएगा। पिता का तर्क है कि जो युवती घर लौटने की उम्मीद कर रही थी, वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पुलिस ने पिता के आवेदन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नवादा थानाध्यक्ष विपिन बिहारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया था। टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जो जांच में अहम साबित हो सकते हैं।
सुसाइड नोट और प्रेम प्रसंग का कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस नोट में प्रेमी द्वारा वादाखिलाफी और धोखा देने का जिक्र किया गया है। पुलिस का मानना है कि मामला प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रशासनिक आदेश के बाद रविवार की रात मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मेडिकल बोर्ड द्वारा युवती के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत का वास्तविक कारण क्या था। इस दौरान अल्पावास गृह की सुरक्षा और वहां रह रही युवतियों की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब एक साल पहले बिहिया थाना क्षेत्र के बेलोना खरौनी निवासी दीपक नामक युवक राजनंदनी को अपने साथ ले गया था। उस समय पिता की शिकायत पर बिहिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने युवती को बरामद कर लिया था, लेकिन उसने अपने घर जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे अल्पावास गृह में रखा गया था, जबकि आरोपी युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
अल्पावास गृह में एक साल से रह रही युवती की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह किसी मानसिक दबाव में थी या फिर उसे किसी ने उकसाया था। फिलहाल, पुलिस की टीम मामले के हर तकनीकी और कानूनी पहलू पर काम कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
