ब्रेकिंग
सतना: पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचासोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकमचित्तौड़गढ़ में दिनदहाड़े लूट: 4.90 लाख नकद और आईफोन लेकर फरार हुए बदमाशफरीदाबाद में दर्दनाक हादसा: सड़क पार करते समय बस की चपेट में आई 6 साल की बच्ची, मौके पर ही मौतसीवान में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 2 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन में युवक गिरफ्तारभोजपुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, पति-पत्नी समेत तीन की मौतछतरपुर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त: 15 दिनों तक चलेगा जागरूकता अभियान, बेसमेंट पार्किंग अनिवार्यमध्य प्रदेश के 24 जिलों पर मंडराया सूखे का खतरा, सरकार ने शुरू की विशेष तैयारी
सतना: पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे नशे का अवैध कारोबार, पुलिस ने दबोचासोनभद्र: फेसबुक पर फर्जी बैंक लिंक से हुई 1.70 लाख की ठगी, पुलिस की तत्परता से वापस मिली रकमचित्तौड़गढ़ में दिनदहाड़े लूट: 4.90 लाख नकद और आईफोन लेकर फरार हुए बदमाशफरीदाबाद में दर्दनाक हादसा: सड़क पार करते समय बस की चपेट में आई 6 साल की बच्ची, मौके पर ही मौतसीवान में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 2 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन में युवक गिरफ्तारभोजपुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, पति-पत्नी समेत तीन की मौतछतरपुर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त: 15 दिनों तक चलेगा जागरूकता अभियान, बेसमेंट पार्किंग अनिवार्यमध्य प्रदेश के 24 जिलों पर मंडराया सूखे का खतरा, सरकार ने शुरू की विशेष तैयारी

भोजपुर एनकाउंटर मामला: महापंचायत स्थगित, मां ने 9 जुलाई से आमरण अनशन का किया ऐलान

Bhojpur Bharat Tiwari encounter case mother announces indefinite hunger strike. Arrest of police officers demanded. भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मां आशा देवी ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1K
भोजपुर एनकाउंटर मामला: महापंचायत स्थगित, मां ने 9 जुलाई से आमरण अनशन का किया ऐलान
click here

प्रशासनिक पाबंदी के बाद महापंचायत टली

भोजपुर जिले के जगदीशपुर में प्रस्तावित बहुजन महापंचायत को प्रशासन के कड़े रुख के बाद स्थगित कर दिया गया है। आयोजन स्थल के आसपास धारा-144 लागू होने और प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने के कारण आयोजकों ने यह निर्णय लिया। स्थानीय अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था और यातायात बाधित होने की आशंका जताते हुए कार्यक्रम के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अनुमति मिलने के बाद नई तिथि की घोषणा की जाएगी।

इस घटनाक्रम के बीच भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक की मां आशा देवी ने न्याय की मांग को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगी।

दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग

पीड़ित परिवार का आरोप है कि एनकाउंटर में शामिल तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, एसडीपीओ राजेश शर्मा और थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि जब तक इन अधिकारियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसके अलावा, परिवार ने गांव के निर्दोष युवाओं पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी पुरजोर मांग की है।

आशा देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच के सिलसिले में कोई अधिकारी गांव आता है, तो उन्हें पहले से सूचित किया जाए। परिवार का आरोप है कि रात के समय बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां उनके घर के आसपास चक्कर लगाती हैं, जिससे वे दहशत में हैं।

सुरक्षा पर सवाल और केंद्रीय बल की मांग

भरत तिवारी की बहन रूबी देवी ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं। दिन और रात के समय अनजान लोग घर के बाहर रुकते हैं और संदिग्ध हरकतें करते हैं। परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया है। पिता काशीनाथ तिवारी ने मांग की है कि उन्हें स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय सुरक्षा बल (सेंट्रल फोर्स) की सुरक्षा दी जाए, क्योंकि जिन अधिकारियों पर हत्या का आरोप है, उन्हीं के अधीन काम करने वाली पुलिस पर उन्हें विश्वास नहीं है।

परिवार ने यह भी चिंता जताई कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें नई पोस्टिंग दे दी गई है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिवार को मामले में निष्पक्ष जांच की थोड़ी उम्मीद बंधी है।

दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

न्याय की गुहार को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए परशुराम दल ने 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े धरने का आयोजन किया है। इस प्रदर्शन में भरत तिवारी का परिवार भी शामिल होगा। परिवार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखनी होगी ताकि मामले की गंभीरता को समझा जा सके।

फिलहाल, भोजपुर प्रशासन की ओर से धारा-144 लागू रहने के कारण क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने किसी भी प्रकार के जमावड़े पर रोक लगा दी है, जबकि पीड़ित परिवार अपनी मांगों पर अडिग है। अब सबकी निगाहें 9 जुलाई पर टिकी हैं, जब आशा देवी का अनशन शुरू होने की संभावना है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें