बांसवाड़ा: 11KV लाइन की अवैध शिफ्टिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, जेईएन समेत 4 कर्मचारी निलंबित
Banswara DISCOM takes action on illegal power line shifting accident. अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम), बांसवाड़ा ने तलवाड़ा में हुए अवैध विद्युत लाइन शिफ्टिंग और हादसे के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) और तीन तकनीकी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और नियमों को ताक पर रखकर किए गए कार्यों का मामला सामने आया है। तलवाड़ा क्षेत्र में 11KV की विद्युत लाइन को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के अवैध रूप से शिफ्ट करने के दौरान हुए एक गंभीर हादसे ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (अजमेर डिस्कॉम) ने सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है।
लापरवाही पर गिरी गाज: जेईएन सहित चार निलंबित
अजमेर डिस्कॉम द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) मनीष भगोरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ ही तीन तकनीकी कर्मचारियों, अभिषेक व्यास, हेमंत जोशी और नीरज जोशी को भी निलंबित किया गया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने विभाग के नियमों के विपरीत जाकर अवैध तरीके से लाइन शिफ्टिंग के कार्य में संलिप्तता दिखाई, जिसके कारण एक बड़ा हादसा घटित हुआ।
निलंबन के अलावा, विभाग ने अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा है। उपखंड के सहायक अभियंता (एईएन) महीप जोशी, मुकेश पटेल और देवेंद्र भट्ट को कारण बताओ नोटिस के साथ चार्जशीट थमाई गई है। विभाग का मानना है कि इन अधिकारियों की देखरेख में अवैध कार्य का होना उनकी कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
यह पूरा घटनाक्रम 20 जून को तलवाड़ा गांव में सामने आया। एक स्थानीय व्यक्ति अपनी निजी आवश्यकता के लिए 11KV की हाई-वोल्टेज लाइन को शिफ्ट करवाना चाहता था। नियमानुसार उसे डिस्कॉम कार्यालय में आवेदन करना चाहिए था, लेकिन डिस्कॉम के कुछ कर्मचारियों ने विभागीय प्रक्रिया का पालन करने के बजाय स्वयं ही लाइन शिफ्ट करने का जिम्मा उठा लिया। यह एक अनधिकृत समझौता था, जिसके तहत कर्मचारी निजी तौर पर यह कार्य कर रहे थे।
अवैध शिफ्टिंग के दौरान कर्मचारी दो पोल पहले ही हटा चुके थे। 20 जून को जब वे तीसरा पोल शिफ्ट करने का प्रयास कर रहे थे, तभी एक ठेका श्रमिक हरीश (35) को जोरदार करंट लगा। करंट की चपेट में आने से वह पोल से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हुआ और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
जांच के लिए कमेटी गठित, 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अजमेर डिस्कॉम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी कमान कुशलगढ़ के एक्सईएन को सौंपी गई है। एसई भगवानदास बैरवा ने स्पष्ट किया है कि जांच कमेटी को अगले पांच दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। डिस्कॉम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, घायल ठेका श्रमिक का उपचार जारी है और विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस तरह की अवैध शिफ्टिंग अन्य क्षेत्रों में भी की जा रही थी।
इस घटना ने डिस्कॉम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि बिना किसी आधिकारिक वर्क ऑर्डर या अनुमति के सरकारी बिजली लाइनों के साथ छेड़छाड़ कैसे की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल, विभाग ने पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने का भरोसा दिलाया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
