अनूपपुर: 108 एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप, जिला अस्पताल के सामने खड़ी की 24 गाड़ियां
Madhya Pradesh Anuppur 108 Ambulance Drivers Strike Latest News. अनूपपुर जिले में शनिवार सुबह 11 बजे 108 एंबुलेंस सेवा के चालकों ने अचानक काम बंद कर हड़ताल कर दी। जिला अस्पताल के सामने लगभग 24 एंबुलेंस खड़ी कर चालकों ने मरीजों को ले जाने से मना कर दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार का दिन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के चालकों ने अचानक काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस हड़ताल के चलते जिला अस्पताल के परिसर के बाहर करीब 24 एंबुलेंस को कतार में खड़ा कर दिया गया।
वेतन में कटौती और उत्पीड़न का आरोप
हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस चालकों ने जिला प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चालकों का कहना है कि उन्हें हर महीने समय पर मानदेय नहीं मिलता है। महीने भर की कड़ी मेहनत के बाद भी उनके वेतन में कटौती की जाती है, जिसके कारण उन्हें 10 हजार रुपये या उससे भी कम राशि प्राप्त होती है। चालकों ने आरोप लगाया कि जब वे गाड़ियों की मरम्मत या अन्य सुविधाओं की मांग करते हैं, तो उन्हें डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रजनीश द्वारा भोपाल ट्रांसफर करने की धमकी दी जाती है।
चालकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही थी। काम के दबाव और आर्थिक तंगी के कारण उन्हें यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। हड़ताल के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर लौटने में असमर्थ हैं।
अस्पताल प्रबंधन की सक्रियता और सीएमएचओ की फटकार
एंबुलेंस सेवा ठप होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. अलका तिवारी और वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर डॉ. एस.सी. राय तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर चालकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान सीएमएचओ ने डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रजनीश को व्यवस्था में सुधार न लाने और चालकों के साथ अनुचित व्यवहार करने पर कड़ी फटकार लगाई।
प्रशासनिक स्तर पर सुधार के संकेत देते हुए सीएमएचओ ने चालकों की शिकायतों को लिखित में दर्ज किया। साथ ही, भविष्य में सीधे संवाद के लिए उन्होंने सभी चालकों को अपने व्यक्तिगत व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ लिया, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
चार घंटे बाद बहाल हुई सेवा
हालांकि हड़ताल के दौरान एंबुलेंस सेवा पूरी तरह बंद थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के विशेष आग्रह पर बेहद गंभीर मरीजों के लिए कुछ गाड़ियों को आपातकालीन स्थिति में चलाया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद चालकों का गुस्सा शांत हुआ।
दोपहर करीब 3 बजे सभी चालक अपने वाहनों के साथ वापस ड्यूटी पर लौट आए और एंबुलेंस सेवाएं सुचारू रूप से बहाल कर दी गईं। इस पूरे घटनाक्रम के कारण जिले में करीब चार घंटे तक एंबुलेंस व्यवस्था प्रभावित रही, जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि चालकों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं में इस तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रबंधन को समय रहते सतर्क रहना चाहिए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!