बेगूसराय: पुलिस पर पिस्टल तानने वाले कुख्यात भाई गिरफ्तार, वीडियो वायरल होने पर डीएसपी ने दी सफाई
Begusarai Police Big Success Sonu Monu Arrested. बेगूसराय पुलिस को आज बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बलिया थाना क्षेत्र के कुख्यात अपराधी वरियापुर गांव के रहने वाले सोनू-मोनू को गिरफ्तार कर लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात सोनू-मोनू दबोचे गए
बेगूसराय पुलिस ने बलिया थाना क्षेत्र के वरियारपुर गांव के रहने वाले दो कुख्यात अपराधियों, सोनू और मोनू को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इन दोनों भाइयों के पास से पुलिस ने एक पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, दो चाकू और तीन हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के दौरान हुई हाथापाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस और अपराधियों के बीच संघर्ष साफ देखा जा सकता है।
घटना के संबंध में बलिया थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि 20 जून को वरियारपुर गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव पैदा हुआ था। इस दौरान एक पक्ष की महिला ने सोनू और मोनू को फोन कर बुलाया, जिसके बाद इन दोनों ने मौके पर पहुंचकर ताबड़तोड़ 5-6 राउंड फायरिंग की थी। पुलिस ने घटना स्थल से खोखे बरामद किए थे और तभी से इन दोनों की तलाश की जा रही थी।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर तानी पिस्तौल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोनू और मोनू किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम का गठन किया गया और वरियारपुर गांव में उनके घर की घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान सोनू सिंह ने पुलिस टीम पर ही पिस्तौल तान दी। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मशक्कत के साथ दोनों को काबू में किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर डीएसपी ने स्पष्ट किया कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि पुलिस ने अपराधियों को फंसाने के लिए पिस्तौल दी थी। उन्होंने बताया कि अपराधियों के हाथ से पिस्तौल छीनने के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए कमर में रखा गया था। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए अपराधियों को पकड़ा है, न कि उन्हें फंसाया है।
लंबा आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू सिंह के खिलाफ बलिया थाना में 11 मामले दर्ज हैं, जबकि उसके भाई मोनू सिंह पर 9 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये दोनों एक संगठित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो ये किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे।
फिलहाल, पुलिस दोनों भाइयों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि उनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और इसे खुद अपराधियों के सहयोगियों द्वारा वायरल किया गया है। पुलिस ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!