औरैया में 12 जुलाई को महा-वृक्षारोपण अभियान: 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, प्रशासन ने कसी कमर
Auraiya plantation drive 5 lakh saplings July 12 2026. इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक का संचालन करते हुए वनाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा 12 जुलाई 2026 को जनपद में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पर्यावरण संरक्षण के लिए औरैया प्रशासन की बड़ी पहल
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़े वृक्षारोपण अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। आगामी 12 जुलाई 2026 को पूरे जिले में एक साथ वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत प्रशासन ने 5 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान वनाधिकारी ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि 12 जुलाई का दिन वृक्षारोपण के लिए तय किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण के लिए भूमि का चयन जल्द से जल्द पूरा करें। चयनित भूमि का विवरण और पौधों की मांग का ब्यौरा वनाधिकारी कार्यालय को समय पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। सही प्रजाति के पौधे चुनने से उनके जीवित रहने की दर बढ़ेगी और वे भविष्य में पर्यावरण संतुलन में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।
अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वृक्षारोपण से पहले गड्ढे खोदने का कार्य समय रहते पूरा कर लिया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रोपण के एक दिन पहले ही संबंधित विभागों को उनकी मांग के अनुसार पौधे उपलब्ध करा दिए जाएं, ताकि कार्यक्रम के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
जियो-टैगिंग और सुरक्षा पर रहेगा फोकस
इस बार के वृक्षारोपण अभियान में पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि रोपित किए गए सभी पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इसके माध्यम से पौधों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वे सुरक्षित हैं। साथ ही, पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा घेरे या अन्य प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने इस पूरे कार्यक्रम के लिए एक विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है। यह प्लान सभी संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा ताकि वे योजनाबद्ध तरीके से अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी, वनाधिकारी सी.पी. सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आगामी दिनों में प्रशासन इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में भी काम करेगा। 12 जुलाई को होने वाला यह आयोजन न केवल जिले के हरित क्षेत्र में वृद्धि करेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा माध्यम बनेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!