सोशल मीडिया पर रील देख व्यापारी के बेटे को बनाया निशाना, अपहरण कर मांगी 10 लाख की फिरौती
Panna businessmans son kidnapped for showing off wealth on social media. Ransom demanded. पन्ना में व्यापारी के बेटे का अपहरण. अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सोशल मीडिया की चमक-धमक बनी मुसीबत
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाना एक 19 वर्षीय युवक को भारी पड़ गया। पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश डेंगरे के बेटे अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का अपहरण कर लिया गया। बदमाशों ने सोशल मीडिया पर युवक की महंगी गाड़ियों और मोबाइल के साथ पोस्ट की गई रील्स देखकर उसे करोड़पति समझ लिया था और फिरौती के लिए उसे अपना निशाना बनाया।
घटना 27 जून की है, जब आरोपी युवक को बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर हथकुरी के जंगल ले गए। वहां कट्टे की नोक पर उसे बंधक बनाकर परिवार को फोन किया गया और 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया।
पुलिस की तत्परता और सफल ऑपरेशन
फिरौती की कॉल आते ही डरे हुए परिजनों ने तुरंत पवई थाने में इसकी सूचना दी। एसपी निवेदिता नायडू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। भारी बारिश के बावजूद पुलिस टीम ने कई किलोमीटर पैदल चलकर युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस के दबाव के कारण आरोपी युवक को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों मुख्य आरोपियों राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, कट्टे और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की गई है।
कर्ज उतारने के लिए रची गई साजिश
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे कर्ज में डूबे थे और जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में उन्होंने यह साजिश रची थी। उन्होंने कान्हा की सोशल मीडिया प्रोफाइल को ट्रैक किया था, जहां वह अक्सर महंगे गैजेट्स और लग्जरी लाइफस्टाइल की तस्वीरें साझा करता था। आरोपियों को लगा कि व्यापारी का बेटा होने के नाते परिवार आसानी से बड़ी रकम दे देगा।
अपहरण के दौरान आरोपियों ने दबाव बनाकर परिवार से 1.48 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर भी करवा लिए थे। हालांकि, पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता से उस खाते को तुरंत फ्रीज करवा दिया गया, जिससे आरोपी रकम निकाल नहीं पाए। यह राशि अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को वापस मिल जाएगी।
आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने शहर में आरोपियों का जुलूस निकालकर कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी और जीवनशैली को सार्वजनिक करने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी पेश की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
