अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर अमानवीय कृत्य: पैसे मांगने पर बच्चे को खंभे से बांधा, 6 हिरासत में
Anuppur Railway Station hostage incident update. Anuppur railway station par bachche ko pillar se bandhkar bandhak banane ka mamla samne aaya. Shuruaat mein railway adhikariyon ne ghatna ke baare mein kuch nahi kaha, lekin dopahar tak media mein khabar aane ke baad CCTV footage aur video ke aadhar par doshiyon ki talash shuru ki gayi.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के अनूपपुर रेलवे स्टेशन परिसर से एक बेहद चौंकाने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है। यहां सोमवार की सुबह कुछ युवकों ने एक 10 वर्षीय बेसहारा बच्चे को केवल इसलिए खंभे से रस्सी से बांध दिया क्योंकि उसने उनसे पैसे मांगे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे की है। पीड़ित बच्चा स्टेशन के आसपास रहकर भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। सुबह के समय जब वह स्टेशन परिसर में मौजूद कुछ युवकों के पास पहुंचा और उनसे पैसे की मांग की, तो वे भड़क गए। आरोप है कि युवकों ने उसे पकड़कर एक पिलर से रस्सी के सहारे बांध दिया। बच्चा करीब 5 से 7 मिनट तक खंभे से बंधा रहा, जिसके बाद आरोपियों ने खुद ही उसकी रस्सी खोल दी।
घटना के तुरंत बाद इसका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बच्चे को असहाय अवस्था में खंभे से बांधा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों का बयान
जीआरपी प्रभारी पीएस कुलस्ते ने बताया कि इस मामले में कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें चार नाबालिग शामिल हैं, जबकि दो अन्य आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय टीकाराम काछी (निवासी कोतमा) और टेक इस्लाम (निवासी अनूपपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना बचाव करते हुए अजीब तर्क दिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि बच्चा नशीले पदार्थों का सेवन करता था और उन्हें डर था कि वह पैसों का इस्तेमाल फिर से नशा खरीदने में करेगा। आरोपियों का दावा है कि उन्होंने उसे केवल डराने के लिए बांधा था। हालांकि, पुलिस ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक अमानवीय कृत्य करार दिया है।
बच्चे की स्थिति और आगे की प्रक्रिया
घटना के बाद पुलिस ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया। राहत की बात यह है कि एमएलसी रिपोर्ट में उसके शरीर पर मारपीट या चोट के कोई गंभीर निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल, सुरक्षा और देखभाल के मद्देनजर बच्चे को अनूपपुर स्थित बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस अब बच्चे के परिजनों की तलाश कर रही है ताकि उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द किया जा सके।
यह घटना रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और बेसहारा बच्चों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर दिनदहाड़े एक बच्चे के साथ हुई इस बदसलूकी ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। जीआरपी अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
