प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाना एक मजाक: यशस्वी राजे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उठाए सवाल
Yashasvi Raje slams Dharmendra Pradhan over education minister controversy in Delhi. जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में छेड़खानी का दावा करने वाली यशस्वी राजे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा पर आपत्ति जताई है। यशस्वी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षामंत्री बनाया जाना एक मजाक बताया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी और मॉडल यशस्वी राजे ने केंद्र सरकार के हालिया फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आईं यशस्वी ने शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को एक 'मजाक' करार दिया है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा और उनके रुख पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जताई नाराजगी
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में यशस्वी राजे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का लहजा न केवल निराशाजनक था, बल्कि उसमें अपनी गलती स्वीकार करने का कोई भाव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान ने खुद को एक शहीद की तरह पेश करने की कोशिश की है। यशस्वी के अनुसार, इस्तीफे को अपनी जीत के रूप में देखना एक संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस तरह से शिक्षा मंत्रालय में बदलाव किए गए हैं, वह देश के युवाओं की उम्मीदों के अनुरूप नहीं है।
यशस्वी ने आगे कहा कि प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया जाना किसी मजाक से कम नहीं है। उन्होंने इस नियुक्ति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला शिक्षा व्यवस्था की गंभीरता को कम करने वाला है। यशस्वी ने खुद को एक स्वतंत्र विचार रखने वाली महिला बताते हुए कहा कि वह किसी भी दबाव में नहीं हैं और अपनी बात स्पष्टता से रखती हैं।
प्रदर्शन के दौरान छेड़छाड़ का आरोप
यशस्वी राजे ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान अपने साथ हुई एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा की गई अपनी पोस्ट में दावा किया था कि 24 जुलाई को जब वह छात्रों के समर्थन में वहां मौजूद थीं, तो भीड़ के बीच एक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की। उन्होंने बताया कि बैरिकेड गिरने के बाद मची भगदड़ के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गलत तरीके से छूने का प्रयास किया था।
यशस्वी ने आरोप लगाया कि उस समय वहां मौजूद लोगों और वॉलंटियर्स ने उनका समर्थन करने के बजाय उन्हीं से सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा कि एक वॉलंटियर ने उन्हें वहां आने पर ही टोक दिया, जबकि दूसरे ने इसे सामान्य घटना बताकर टालने की कोशिश की। इस घटना के बाद यशस्वी ने उस व्यक्ति को थप्पड़ जड़ दिया था, जिसके बाद से वह लगातार चर्चा में बनी हुई हैं।
आंदोलन का स्वरूप और पृष्ठभूमि
NEET पेपर लीक और अन्य शैक्षणिक मुद्दों को लेकर शुरू हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह आंदोलन करीब 36 दिनों तक चला। सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर मीम्स और डिजिटल सक्रियता के जरिए इस आंदोलन ने व्यापक जनसमर्थन जुटाया था। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य सरकार को जवाबदेह बनाना था। अंततः 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह आंदोलन समाप्त हुआ।
यशस्वी राजे के पिता विक्रम सिंह फतेहपुर सदर सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। यशस्वी का कहना है कि वह लंबे समय से फतेहपुर से दूर दिल्ली में रह रही हैं और मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल के एजेंडे से बंधकर नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र सोच के साथ मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा मंत्रालय के कामकाज और प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यशस्वी राजे का मुखर होना यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया के दौर में युवा पीढ़ी अब राजनीतिक फैसलों और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दों पर अधिक सजग और मुखर हो रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
