यमुनानगर: स्कूल की खंडहर बिल्डिंग में छात्र का शव मिलने से हड़कंप, पिता ने बयां किया आखिरी कॉल का सच
यमुनानगर के छछरौली स्थित गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र कमलजीत के फंदे पर लटके मिले शव के मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव को एक पहलू मान रही है, लेकिन फिलहाल आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

स्कूल परिसर में मिला 10वीं के छात्र का शव
हरियाणा के यमुनानगर जिले के छछरौली स्थित गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र कमलजीत का शव स्कूल परिसर के पीछे स्थित एक पुरानी और बंद पड़ी खंडहरनुमा इमारत में फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना ने न केवल स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन मौत के कारणों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
घटनास्थल की स्थिति ने पुलिस और परिजनों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कमरे में छात्र का शव मिला, वह लंबे समय से बंद था और वहां किसी का आना-जाना नहीं होता था। कमरे की छत की ऊंचाई करीब 12 फीट है, जबकि मृतक छात्र की लंबाई लगभग 5 फीट 6 इंच थी। कमरे में मौजूद मेजों की स्थिति और ऊंचाई को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि छात्र ने फंदे तक पहुंच कैसे बनाई। पुलिस अब फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की गुत्थी सुलझ सके।
पिता से हुई थी आखिरी बात, साइकिल पंक्चर का दिया था हवाला
मृतक के पिता नवाब सिंह ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे उनकी बेटे से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। कमलजीत ने उन्हें बताया था कि उसकी साइकिल पंक्चर हो गई है, जिसके चलते उसे घर पहुंचने में थोड़ी देरी होगी। इसके कुछ समय बाद उसने दोबारा फोन कर कहा कि वह अपने एक दोस्त से मिलने जा रहा है। इसके बाद से उसका फोन बंद हो गया और वह घर नहीं लौटा। जब शाम तक कमलजीत घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और अगले दिन सुबह पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने जब छात्र के मोबाइल की आखिरी लोकेशन ट्रेस की, तो वह स्कूल के पास ही मिली। इसके बाद परिजन और पुलिस स्कूल पहुंचे, जहां तलाशी के दौरान खंडहर बिल्डिंग के एक कमरे में कमलजीत का शव फंदे से लटका मिला। पिता नवाब सिंह का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा ऐसा कदम उठा सकता है। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को पायलट बनाना चाहते थे और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी तक छोड़ दी थी।
पारिवारिक परिस्थितियों और मानसिक तनाव की जांच
नवाब सिंह ने खुलासा किया कि पिछले पांच वर्षों से उनका और उनकी पत्नी का कोर्ट में विवाद चल रहा है, जिसके बारे में कमलजीत को पूरी जानकारी थी। हालांकि, छात्र ने कभी खुलकर अपनी परेशानी जाहिर नहीं की थी, लेकिन पिता का मानना है कि घर के माहौल का असर उस पर जरूर पड़ रहा था। कमलजीत पढ़ाई में होशियार था और भविष्य में यूट्यूबर बनने का सपना देखता था। वह अपनी मां से अलग रहने के कारण कई काम खुद ही संभालता था, जिससे वह काफी परिपक्व हो गया था।
पिता ने किसी भी बाहरी दबाव या प्रताड़ना की संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि कमलजीत उनसे हर बात साझा करता था, इसलिए उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसी कौन सी बात थी जिसने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। पुलिस फिलहाल इस मामले में पारिवारिक तनाव और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की राह
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले की हर कोण से जांच कर रहे हैं। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। स्कूल के उस बंद कमरे में छात्र का पहुंचना और वहां की परिस्थितियां जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
