यमुनानगर सड़क हादसा: 66 दिन बाद दर्ज हुई FIR, मां ने लगाया दोस्त पर साक्ष्य छिपाने का आरोप
Yamunanagar road accident death case investigation reveals new details and CCTV footage evidence. मां का आरोप है कि उसका बेटा किसी सामान्य सड़क हादसे का शिकार नहीं हुआ, बल्कि तेज रफ्तार और लापरवाही से कार चला रहे चालक की वजह से उसकी जान गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बाइक चला रहे युवक ने शुरुआती बयान में कार का जिक्र जानबूझकर नहीं किया, जिससे असली आरोपी बचता रहा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सड़क हादसे में मौत के बाद खुला राज
यमुनानगर में एक सड़क हादसे के करीब ढाई महीने बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक 26 वर्षीय युवक की मौत के मामले में अब पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पहले इस घटना को महज एक सामान्य दुर्घटना मानकर फाइल बंद करने की तैयारी थी, लेकिन मृतक की मां द्वारा दी गई शिकायत और नए साक्ष्यों ने पुलिस को दोबारा जांच के लिए मजबूर कर दिया है।
मृतक रजत कुमार की मां महिंद्रो देवी ने आरोप लगाया है कि उनका बेटा किसी साधारण दुर्घटना का शिकार नहीं हुआ, बल्कि एक तेज रफ्तार कार चालक की लापरवाही ने उसकी जान ली है। परिजनों का दावा है कि हादसे के समय बाइक चला रहे युवक ने जानबूझकर पुलिस को गुमराह किया और कार का जिक्र नहीं किया, जिससे असली आरोपी को बचने का मौका मिल गया।
क्या था पूरा घटनाक्रम
घटना 1 अप्रैल की है, जब रसूलपुर निवासी रजत कुमार अपने दोस्त रवि कुमार की बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर कपालमोचन से गांव लौट रहे थे। अस्तबली पीर बाबा की दरगाह के पास एक सफेद कार ने बिना किसी चेतावनी या हॉर्न के बेहद करीब से बाइक को ओवरटेक किया। इस लापरवाही के कारण बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे रजत के सिर में गंभीर चोटें आईं।
हादसे के बाद रजत को पहले यमुनानगर के गाबा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां बेड न मिलने के कारण उसे कुरुक्षेत्र के आदेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब एक महीने तक चले लंबे इलाज के बाद 10 मई को रजत ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि इस पूरे दौरान वे सदमे में थे, लेकिन बाद में उन्हें सच्चाई का पता चला।
दोस्त पर साक्ष्य छिपाने का आरोप
मृतक की मां ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद 11 मई को बिलासपुर थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उसमें रवि कुमार ने कार का कोई जिक्र नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रवि ने साजिश के तहत कार चालक को बचाने का प्रयास किया। जब परिजनों को प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की असलियत पता चली, तो उन्होंने मामले की तहकीकात शुरू की।
परिजनों ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई है। उनका दावा है कि फुटेज में साफ तौर पर सफेद कार को तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हुए देखा जा सकता है, जिसके कारण बाइक सवार गिरे थे। इस फुटेज को आधार बनाकर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
महिंद्रो देवी ने 12 जून को पुलिस अधीक्षक को औपचारिक शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच के बाद अब अज्ञात कार चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
यह मामला अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि घटना के इतने दिनों बाद साक्ष्य जुटाना और आरोपी तक पहुंचना कठिन है। हालांकि, परिजनों को उम्मीद है कि अब कानूनी प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ेगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
