विप्र सेना के पांच साल पूरे: जयपुर में कोर कमेटी की बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन
संगठन की पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका उद्देश्य आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जयपुर में आयोजित विप्र सेना की कोर कमेटी की बैठक में संगठन के पांच वर्षों के सफर और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। महल रोड स्थित एक होटल में संपन्न हुई इस बैठक में प्रदेशभर के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और युवा व महिला प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुई।
अनुशासन और सामूहिक चिंतन ही संगठन की असली ताकत
बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संगठन की सफलता उसके अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन पर टिकी होती है। कामखेड़ा सरकार के पं. रोहित नगर महाराज के सान्निध्य में हुए इस चिंतन सत्र में कहा गया कि सेवा, संस्कार और समाजहित को अपना ध्येय बनाने वाले संगठन ही समाज में स्थायी बदलाव लाने में सक्षम होते हैं।
विप्र सेना के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने संगठन की पांच साल की यात्रा का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद संगठन ने युवा जागरण, सामाजिक समन्वय और सेवा कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आगामी पांच वर्षों के लिए डिजिटल सदस्यता अभियान, संविधान निर्माण और प्रशिक्षण व्यवस्था को प्राथमिकता देने की कार्ययोजना भी साझा की गई।
युवा और महिला शक्ति पर विशेष जोर
बैठक के दौरान युवा और महिला प्रकोष्ठों की भूमिका को लेकर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मेहता ने अक्टूबर में प्रस्तावित प्रदेश युवा अधिवेशन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। वहीं, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रवि जोशी ने युवाओं को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्हें समाज परिवर्तन का वाहक बनने के लिए प्रेरित किया। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य ने महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास की नई योजनाओं की घोषणा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने कहा कि राजस्थान की संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है। उन्होंने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन के विस्तार और चिकित्सा सेवा प्रकल्पों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है।
संगठन संकल्प-2026 और भविष्य की राह
बैठक के समापन पर 'संगठन संकल्प-2026' को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इसके तहत प्रदेश के हर जिले, विधानसभा और वार्ड स्तर तक संगठन का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, नियमित प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन और सेवा आधारित कार्यक्रमों को गति देने का निर्णय लिया गया।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए प्रदेश युवा अधिवेशन, महिला अधिवेशन, वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन और संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवाड़ी ने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुटता बनाए रखने और संवाद को निरंतर रखने का आग्रह किया।
बैठक में जिला स्तर से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे, जिनमें पथ संचलन और जिला अधिवेशनों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने संगठन की नई पहचान स्थापित करने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प दोहराया।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!