यूपी के खेल छात्रावासों में अंतरराष्ट्रीय कोचों की भर्ती, 1.50 लाख रुपये मिलेगा मानदेय
Uttar Pradesh sports department hiring international coaches for 34 hostels. उत्तर प्रदेश खेल विभाग ने प्रदेश के 34 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 40 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का चयन संविदा के आधार पर करने का निर्णय लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के खेल बुनियादी ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के 34 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए खेल विभाग ने 40 अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों को संविदा के आधार पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मार्गदर्शन प्रदान करना है।
1.50 लाख रुपये का मानदेय और पात्रता मानदंड
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित होने वाले प्रशिक्षकों को प्रति माह 1.50 लाख रुपये का आकर्षक मानदेय प्रदान किया जाएगा। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल उन्हीं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों या प्रशिक्षकों को पात्र माना जाएगा जिन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया हो। इन प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में वरीयता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, पद्मश्री, खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार या ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खेल हस्तियां भी इन पदों के लिए आवेदन करने के योग्य हैं। साथ ही, वे प्रशिक्षक जिन्होंने भारतीय टीम को ओलंपिक या विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया है, वे भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। शैक्षिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है।
16 खेलों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण की व्यवस्था
प्रदेश के 34 छात्रावासों में कुल 16 विभिन्न खेलों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें हॉकी, हैंडबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, कबड्डी, जूडो, कुश्ती और तीरंदाजी शामिल हैं। इन खेलों के माध्यम से उभरती हुई प्रतिभाओं को बेहतर तकनीक और रणनीति सीखने का मौका मिलेगा, जिससे राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
जिला खेल अधिकारी डी.पी. सिंह ने बताया कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों में भी विश्वस्तरीय कोचिंग सुविधा पहुंचाना है। इससे न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 14 अगस्त 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र जिला खेल कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस पर प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी आवश्यक शैक्षणिक और खेल संबंधी प्रमाण पत्रों के साथ पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र निर्धारित तिथि तक कार्यालय में जमा करा दें।
आवेदन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए अभ्यर्थी सीधे जिला खेल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। समय सीमा के भीतर प्राप्त आवेदनों की ही समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह भर्ती राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अनुभवी प्रशिक्षकों के आने से प्रदेश के खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण के माहौल में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश से और अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर सामने आएंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
