उज्जैन में शाही सवारी की तैयारियां तेज: 15 अगस्त तक पूरा होगा मार्ग चौड़ीकरण का काम
मुख्यमंत्री ने बुलेट से शाही सवारी मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रशासन ने बढ़ाई निर्माण कार्यों की गति
बाबा महाकाल की आगामी शाही सवारी को लेकर उज्जैन जिला प्रशासन और नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए शाही सवारी मार्ग के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्यों में युद्धस्तर पर तेजी लाई गई है। नगर निगम ने कंठाल चौराहा से लेकर छत्री चौक तक के सभी लंबित निर्माण कार्यों को 15 अगस्त तक पूर्ण करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस कार्य में तेजी आने का मुख्य कारण हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन दौरा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं बुलेट पर सवार होकर शाही सवारी के पूरे मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कंठाल चौराहे तक पैदल चलकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य न केवल समय-सीमा के भीतर पूरे हों, बल्कि उनकी गुणवत्ता में भी कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
निगम आयुक्त की सख्त निगरानी और 24 घंटे काम
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बुधवार देर रात निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कंठाल चौराहा, छत्री चौक और कमरी मार्ग पर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। आयुक्त ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि यदि आवश्यक हो, तो कार्य को 24 घंटे की शिफ्ट में पूरा किया जाए ताकि तय समय-सीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें पीक्यूसी सड़क निर्माण, प्रीकास्ट नालियों का निर्माण, पेयजल पाइपलाइन की शिफ्टिंग और बिजली के पोल हटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे छज्जों को हटाने और कोबल स्टोन लगाने के काम को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर विशेष ध्यान
शाही सवारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाहता है। कलेक्टर द्वारा आयोजित हालिया समीक्षा बैठक में सुरक्षा संबंधी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विशेष रूप से बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे मार्ग का तकनीकी परीक्षण करें। मार्ग पर स्थित सभी विद्युत पोलों को सुरक्षित करने और उन्हें प्लास्टिक कवर से ढंकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चौराहों के सौंदर्यीकरण और डीएलसी रोड के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से न केवल शाही सवारी के दौरान भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगामी कार्ययोजना
आने वाले दिनों में निर्माण कार्यों की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से साइट का दौरा करेंगे ताकि किसी भी तकनीकी बाधा को तुरंत दूर किया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक मार्ग को पूरी तरह से सुगम और व्यवस्थित बना दिया जाए ताकि शाही सवारी के समय श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
