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उदयपुर: आरएनटी मेडिकल कॉलेज के ठेका कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, वेतन वृद्धि और प्लेसमेंट एजेंसी हटाने की मांग

Udaipur RNT Medical College contract workers protest against low wages, demand agency system end. उदयपुर में रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज से जुड़े सरकारी अस्पतालों के ठेका कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कम सैलरी और 3 साल से बढ़ोतरी नहीं होने पर ठेका संघर्ष समिति के बैनर तले ठेका कर्मचारियों ने हॉस्पिटल से कलेक्ट्रट तक शुक्रवार को आक्रोश रैली निकाली।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.2K
उदयपुर: आरएनटी मेडिकल कॉलेज के ठेका कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, वेतन वृद्धि और प्लेसमेंट एजेंसी हटाने की मांग
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वेतन विसंगतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे कर्मचारी

उदयपुर स्थित रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सरकारी अस्पतालों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ठेका संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर से कलेक्ट्रेट तक एक आक्रोश रैली निकाली। कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे महंगाई के इस दौर में उनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से आर्थिक शोषण का सामना कर रहे हैं और अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे चुकी है।

प्लेसमेंट एजेंसी प्रथा खत्म करने की मांग

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से होने वाली भर्ती में पारदर्शिता का अभाव है और उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिलता। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस ठेकेदारी व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद करे और सभी कर्मचारियों को विभाग के अधीन स्थायी किया जाए।

समिति के पदाधिकारियों ने यह भी अपील की है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित आरएलएसडीसी (RLSDC) के तहत कर्मचारियों को रखने की योजना को लागू न किया जाए। उनका तर्क है कि जब तक समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ठेकेदारों को हटाकर विभाग को सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन का भुगतान करना चाहिए।

कार्य बहिष्कार की चेतावनी

आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में वार्ड बॉय और स्वीपर सहित लगभग 1,000 से अधिक ठेका कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे शनिवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। इस कदम से अस्पतालों की व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी की कोई सुरक्षा न होने के कारण उनके भविष्य पर हमेशा अनिश्चितता के बादल मंडराते रहते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।

आगे की राह

फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कर्मचारियों के सख्त रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है। यदि सरकार और ठेका संघर्ष समिति के बीच वार्ता विफल रहती है, तो मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में कामकाज पूरी तरह ठप होने का खतरा बना हुआ है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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