यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: चलती स्लीपर बस में लगी आग, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत
नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात स्लीपर बस में आग लग गई। आग लगते ही अंदर चीख-पुकार मच गई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा
उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। एक चलती हुई स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे हड़कंप मच गया। इस भीषण अग्निकांड में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस में कुल 35 यात्री सवार थे। आग लगने की घटना के बाद बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्रियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर छलांग लगा दी, जिससे वे सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन जो यात्री अंदर फंस गए, वे आग की चपेट में आ गए।
शवों की पहचान करना बनी चुनौती
आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शव बुरी तरह से झुलस गए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत बचाव दल के लिए शवों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आग के कारण शव केवल हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो गए हैं, जिससे उनकी शिनाख्त के लिए अब फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह से खाक हो चुकी थी। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
प्रशासनिक जांच के आदेश
घटना के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस में आग लगने का मुख्य कारण क्या था। क्या यह शॉर्ट सर्किट का मामला है या बस में कोई ज्वलनशील पदार्थ ले जाया जा रहा था, इन सभी पहलुओं पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं ताकि बस की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके। स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाएं अक्सर सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करती हैं, जिसके चलते अब प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
यात्रियों में दहशत का माहौल
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि बस के भीतर का तापमान कुछ ही पलों में असहनीय हो गया। जो यात्री बस के पिछले हिस्से में सो रहे थे, उन्हें बाहर निकलने का अवसर ही नहीं मिला।
फिलहाल, पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि शवों की पहचान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!