इंदौर: लेकपार्क कॉलोनी में प्लॉट के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी, अध्यक्ष और संचालक पर FIR
इंदौर के राजेंद्र नगर पुलिस ने लेकपार्क कॉलोनी के अध्यक्ष यशराज तिवारी और संचालक माया तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। गौरव ने लेकपार्क कॉलोनी में प्लॉट नंबर 266 खरीदने का सौदा किया था।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

प्लॉट का सौदा कर हड़पे लाखों रुपये
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। लेकपार्क कॉलोनी के अध्यक्ष यशराज तिवारी और कॉलोनी की संचालक माया तिवारी के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से प्लॉट बेचने का इकरारनामा किया और 10 लाख रुपये की राशि लेने के बावजूद न तो रजिस्ट्री कराई और न ही जमीन का कब्जा दिया।
मामले की शिकायत नेहरू नगर निवासी गौरव चौधरी ने डीसीपी जोन-1 के समक्ष की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने लेकपार्क कॉलोनी में स्थित प्लॉट नंबर 266 को खरीदने का सौदा किया था। इस 1200 वर्गफीट के प्लॉट की कुल कीमत 31 लाख रुपये तय की गई थी। इस सौदे के दौरान सचिन और पुखराज नामक व्यक्ति गवाह के रूप में मौजूद थे।
रजिस्ट्री और कब्जे के नाम पर टालमटोल
पीड़ित गौरव चौधरी ने बताया कि 30 जून 2024 को यशराज तिवारी और माया तिवारी ने यह दावा किया था कि उक्त प्लॉट उनके आधिपत्य में है और वे इसे बेचने के लिए अधिकृत हैं। इस आश्वासन के बाद गौरव ने दोनों के बैंक खातों में चेक के माध्यम से 10 लाख रुपये की राशि जमा कराई। इकरारनामा होने के बाद गौरव लगातार रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उनसे संपर्क करते रहे।
आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने रजिस्ट्री कराने में आनाकानी शुरू कर दी। बार-बार आग्रह करने के बावजूद न तो प्लॉट का कब्जा सौंपा गया और न ही कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। जब गौरव ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने रकम लौटाने से भी साफ इनकार कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके साथ ठगी की गई है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने यशराज तिवारी और माया तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला जमीन की खरीद-फरोख्त में बरती गई लापरवाही और सुनियोजित धोखाधड़ी का है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उन्होंने इस तरह से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
कॉलोनी संचालकों की भूमिका पर सवाल
इस घटना के बाद लेकपार्क कॉलोनी के अन्य निवासियों और प्लॉट खरीदने वाले अन्य लोगों में भी चिंता का माहौल है। कॉलोनी के अध्यक्ष और संचालक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह के फर्जी सौदे किए हैं। पुलिस अब इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या यह एक बड़ा संगठित गिरोह है जो भोले-भाले खरीदारों को अपना निशाना बनाता है।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पीड़ित गौरव चौधरी को न्याय मिलने की उम्मीद है, जबकि क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की जमीन संबंधी सौदेबाजी करने से पहले दस्तावेजों की गहन जांच जरूर कर लें।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!