उदयपुर: जज के नाम पर स्कूटर ठगने वाला शातिर और कुख्यात डकैत गिरफ्तार
Udaipur Sukher Police arrest notorious thief who stole EV scooter from showroom by posing as District Judge. उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में एक शातिर ठग द्वारा जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (ईवी) ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोपी ने जज साहब को गाड़ी दिखाने का बहाना बनाया और शोरूम से स्कूटर लेकर रफूचक्कर हो गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर ठग और एक कुख्यात डकैत को गिरफ्तार किया है। पहली घटना में आरोपी ने जिला जज का नाम लेकर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम से वाहन ठग लिया था, जबकि दूसरी कार्रवाई में एक विला में छिपे डकैत को अवैध हथियारों के साथ दबोचा गया।
जज का नाम लेकर शोरूम से उड़ाया स्कूटर
सुखेर थाना क्षेत्र के एक इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम संचालक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 24 जून को दीपक उर्फ गोलू नामक युवक वहां पहुंचा। आरोपी ने खुद को जिला जज का करीबी बताते हुए कहा कि साहब को स्कूटर पसंद करना है, इसलिए वह इसे दिखाने ले जा रहा है। शोरूम संचालक ने विश्वास कर उसे करीब 60 हजार रुपये कीमत का स्कूटर दे दिया। आधे घंटे में लौटने का वादा करके गया आरोपी वापस नहीं लौटा, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया और स्कूटर बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर है और पहले भी नौकरी लगवाने या कोर्ट के मामलों में फैसला अपने पक्ष में करवाने का झांसा देकर लोगों को ठग चुका है। उसके खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी मामले दर्ज हैं।
विला में छिपा था कुख्यात डकैत
दूसरी कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली कि भीलों का बेदला स्थित 'विराज विला' में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 27 वर्षीय प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल, मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी मूल रूप से कुराबड़ के बोरी गांव का रहने वाला है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रताप सिंह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है और लूट व डकैती के कई मामलों में वांछित है। वह महज दो महीने पहले ही गुजरात की साबरमती जेल से जमानत पर बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था।
हवाला कारोबारियों को बनाता था निशाना
आरोपी प्रताप सिंह का मुख्य काम हवाला (आंगड़िया) कारोबारियों और ज्वेलर्स के कर्मचारियों को निशाना बनाना था। वह पहले इन लोगों की रेकी करता था और फिर सुनसान इलाकों में पिस्टल दिखाकर नकदी या बिना बिल का सोना लूट लेता था। उसके खिलाफ उदयपुर के प्रतापनगर, सलुंबर के अलावा गुजरात के नरोडा, पालनपुर और मेहसाणा सहित कई थानों में लूट और डकैती के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रताप सिंह उदयपुर में किस बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। आरोपी के पास से मिले हथियारों और उसके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
