अयोध्या में सर्पदंश का कहर: 36 घंटे में 5 लोग शिकार, मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी
Ayodhya snakebite cases surge due to humid heat and rain. उमसभरी गर्मी और बारिश के बीच बढ़े सर्पदंश के मामले: 36 घंटे में पांच मरीज पहुंचे अस्पताल, दो रेफर, मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अयोध्या जिले में पिछले 36 घंटों के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में अचानक तेजी देखी गई है। उमसभरी गर्मी और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। इस अवधि में कुल पांच लोगों को सांप ने अपना निशाना बनाया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
गंभीर मरीजों को किया गया रेफर
सर्पदंश के इन मामलों में दो मरीजों की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के नजर अली का पुरवा निवासी 16 वर्षीय रुद्र सेन को सांप ने काटा था। परिजनों ने शुरुआत में उसे झाड़-फूंक के चक्कर में स्थानीय मंदिर ले जाकर समय बर्बाद किया, जिससे किशोर की स्थिति और बिगड़ गई। बाद में उसे कुमारगंज स्थित सौ बेड अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उसे दर्शननगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
इसी तरह धनैचा गांव के 16 वर्षीय जीसान, बकचुना-खंडासा की 36 वर्षीय शांति देवी, 65 वर्षीय हरिनाथ और 40 वर्षीय रोहित मिश्रा भी सर्पदंश के शिकार हुए हैं। इनमें से एक अन्य गंभीर मरीज को भी दर्शननगर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जबकि शेष घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।
बरसात में सांपों की सक्रियता बढ़ी
चिकित्सकों का कहना है कि मानसून के दौरान जमीन में पानी भरने से सांपों के बिल डूब जाते हैं, जिसके चलते वे सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में घरों में घुस आते हैं। यह स्थिति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से खतरनाक बनी हुई है। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और विशेषकर रात के समय सोते समय सावधानी बरतने को कहा है।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश के मामलों में समय का बहुत महत्व होता है। झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के फेर में पड़कर कीमती समय गंवाने से मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है। एंटी-स्नेक वेनम ही एकमात्र प्रभावी उपचार है, जो केवल सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध होता है।
क्या करें और क्या न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में घबराएं नहीं। घाव को साफ पानी से धोएं और मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। मरीज को चलने-फिरने न दें, क्योंकि इससे जहर शरीर में तेजी से फैल सकता है। प्रभावित अंग को स्थिर रखना सबसे जरूरी है।
फिलहाल, मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे अपने आसपास सफाई रखें और झाड़ियों या अंधेरे कोनों में जाते समय टॉर्च का उपयोग जरूर करें। सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
