टेलीग्राम पर पार्ट-टाइम जॉब का झांसा: छात्रा से 22.70 लाख की ठगी करने वाला हरियाणा से गिरफ्तार
Bhojpur police arrest Sonipat resident for Telegram part-time job investment fraud case. नौकरी दिलाने और निवेश पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 22.70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को भोजपुर साइबर थाना पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान सोनीपत के सेक्टर-12 स्थित खान कॉलोनी निवासी मो. साहिल के रूप में हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भोजपुर साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के सदस्य को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर टेलीग्राम के जरिए एक छात्रा को पार्ट-टाइम नौकरी और निवेश का झांसा देकर 22.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका उपयोग ठगी की वारदातों में किया जाता था।
गूगल रेटिंग टास्क से शुरू हुआ ठगी का जाल
मामले की शुरुआत तब हुई जब रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक कृषि स्नातक छात्रा को टेलीग्राम पर पार्ट-टाइम काम का ऑफर मिला। गिरोह के सदस्यों ने शुरुआत में छात्रा का भरोसा जीतने के लिए उसे गूगल मैप पर रेस्टोरेंट की रेटिंग बढ़ाने का छोटा काम दिया और इसके बदले में उसे 200 से 300 रुपये का भुगतान भी किया। इस छोटे भुगतान ने छात्रा को गिरोह के जाल में फंसाने का काम किया।
भरोसा कायम होने के बाद, आरोपियों ने छात्रा को अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया और निवेश करने के लिए प्रेरित किया। छात्रा ने झांसे में आकर जुलाई 2025 में अलग-अलग किश्तों में कुल 22 लाख 70 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो निवेश की राशि वापस मिली और न ही कोई मुनाफा प्राप्त हुआ, तब छात्रा को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ।
तकनीकी अनुसंधान से मिली सफलता
छात्रा की शिकायत पर भोजपुर साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इस जांच के आधार पर पुलिस की एक टीम हरियाणा पहुंची और सोनीपत के सेक्टर-12 स्थित खान कॉलोनी से मो. साहिल नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान मो. साहिल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने दो साथियों, मोहित और करण के इशारे पर काम करता था। साहिल का मुख्य काम चेक के माध्यम से बैंक खातों से ठगी की गई राशि निकालना और उसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाना था।
फरार साथियों की तलाश में छापेमारी
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने बिहार और अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। जब्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि गिरोह के नेटवर्क और अन्य बैंक खातों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
यह मामला एक बार फिर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया या टेलीग्राम पर बिना सत्यापन के पार्ट-टाइम जॉब और निवेश के लुभावने ऑफर्स के चक्कर में पड़ जाते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
