सोनीपत जिमखाना क्लब का उद्घाटन विवादों में: पार्टनरों ने लगाया 6 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
सोनीपत के सेक्टर-6 स्थित जिमखाना क्लब का विवाद लगातार बढ़ रहा है। साझेदारों का कहना है कि उन्होंने क्लब के नवीनीकरण, इंटीरियर, लाइसेंस और अन्य कार्यों पर करीब 6 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उद्घाटन समारोह को लेकर कानूनी पेच
सोनीपत के सेक्टर-6 स्थित जिमखाना क्लब का उद्घाटन कार्यक्रम विवादों के घेरे में आ गया है। एम/एस ईगल आई क्लब रिट्रीट्स एलएलपी के साझेदारों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया है कि क्लब के संचालन और सब-लीज को लेकर मामला पहले से ही अदालत में लंबित है। इसके बावजूद प्रशासन और अन्य संबंधित पक्ष उद्घाटन की तैयारी कर रहे हैं, जिसे लेकर साझेदारों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
साझेदारों का आरोप है कि उन्होंने क्लब के नवीनीकरण, इंटीरियर और लाइसेंस संबंधी कार्यों पर करीब 6 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है। उनका कहना है कि न्यायालय द्वारा यथास्थिति (स्टेटस-क्वो) बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं, जिसका उल्लंघन करते हुए उद्घाटन समारोह आयोजित करना न्यायिक प्रक्रिया का अपमान है।
निवेशकों का दावा और एफआईआर
मामले की जानकारी देते हुए साझेदारों राकेश कालरा, राज नारायण सिंह, सतीश कपूर और विजय कपूर ने बताया कि मार्च 2024 में ईगल आई सिक्योरिटी हाउसकीपिंग सर्विसेज ने एचएसवीपी से 15 साल की लीज पर क्लब लिया था। इसके बाद अप्रैल 2025 में संचालन के लिए एलएलपी का गठन हुआ। उनका आरोप है कि उन्हें गुमराह कर निवेश कराया गया और बाद में एनओसी देने से इनकार कर दिया गया।
इस मामले में सेक्टर-27 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज की है। साझेदारों ने पुलिस और अदालत को सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं और मांग की है कि जब तक मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक उद्घाटन समारोह को स्थगित रखा जाए।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
साझेदारों ने उपायुक्त (डीसी) को पत्र लिखकर मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और उद्घाटन समारोह पर रोक लगाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस विवाद में उचित कदम नहीं उठाए, तो वे धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। उनका तर्क है कि उद्घाटन कार्यक्रम से उनके कानूनी अधिकारों और निवेश को अपूरणीय क्षति होगी।
साझेदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि 22 जुलाई 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को इस मामले में दो माह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जिला अदालत में भी अंतरिम रोक लगाने के लिए आवेदन दायर किया गया है।
असमंजस की स्थिति
क्लब के उद्घाटन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। एक तरफ जहां उद्घाटन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, वहीं दूसरी तरफ कानूनी दांव-पेच और करोड़ों रुपये के निवेश का विवाद प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने साझेदारों की मांग का समर्थन किया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कार्यक्रम को स्थगित करता है या फिर उद्घाटन प्रक्रिया जारी रहती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
