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सीतापुर में आदमखोर बाघिन का बढ़ा दायरा, 10 दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से दूर

Sitapur tigress attack updates, forest team searching for man-eater in Sandana villages. लगातार ठिकाना बदल रही बाघिन वन विभाग की टीम को चकमा दे रही है। अब उसने अपना मूवमेंट बढ़ाते हुए घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर तक दायरा बना लिया है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत और बढ़ गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

25 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1K
सीतापुर में आदमखोर बाघिन का बढ़ा दायरा, 10 दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से दूर
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना क्षेत्र में एक किसान की जान लेने वाली बाघिन अब वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। घटना को बीते 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन वन विभाग की टीमें अब तक इस आदमखोर बाघिन को पकड़ने में नाकाम रही हैं। बाघिन लगातार अपना स्थान बदल रही है, जिससे वन अधिकारियों को उसे ट्रैक करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

10 किलोमीटर तक फैला बाघिन का मूवमेंट

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन ने अपने विचरण का दायरा काफी बढ़ा लिया है। शुरुआत में उसके पगचिह्न रसुलवा गांव के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में देखे जा रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। शुक्रवार शाम को रसुलवा से करीब 10 किलोमीटर दूर बिजुवामऊ गांव के खेतों में उसके ताजा पगचिह्न पाए गए हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन बाघिन का कोई सुराग नहीं मिल सका।

फिलहाल रसुलवा गांव में एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जहां से कतर्नियाघाट और बहराइच की विशेषज्ञ टीमें बाघिन की हर गतिविधि पर बारीक नजर रख रही हैं। बाघिन की बदलती लोकेशन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

ग्रामीणों में दहशत और प्रभावित जनजीवन

बाघिन के लगातार मूवमेंट से आसपास के गांवों में खौफ का माहौल है। किसानों का कहना है कि जान के डर से वे अपने खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर खेती के कामों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में भी उपस्थिति कम हो गई है। ग्रामीणों का मानना है कि जब तक बाघिन को पकड़ा नहीं जाता, तब तक सामान्य जीवन पटरी पर लौटना मुश्किल है।

डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए कहा कि बाघिन किसी एक स्थान पर स्थिर नहीं है, जो उसे पकड़ने में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने बताया कि यदि बाघिन किसी एक जगह पर कम से कम पांच घंटे रुकती है, तो उसे ट्रैंकुलाइज करना आसान होगा। फिलहाल टीमें उसे एक जगह स्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।

सतर्कता बरतने की अपील

वन विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं और हमेशा समूह में ही बाहर निकलें। किसी भी संदिग्ध पदचिह्न या गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने के लिए कहा गया है।

आने वाले दिनों में वन विभाग अपनी रणनीति में बदलाव कर सकता है ताकि बाघिन को जल्द से जल्द सुरक्षित पकड़ा जा सके। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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