सीकर: नाबालिग से कुकर्म के आरोपी को 20 साल की कैद, कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला
Sikar POCSO court sentences convict to 20 years imprisonment for minor boy assault case. सीकर की पॉक्सो कोर्ट 1 ने 14 साल के नाबालिग लड़के से कुकर्म के आरोपी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीकर पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला
राजस्थान के सीकर जिले में पॉक्सो कोर्ट-1 ने एक नाबालिग लड़के के साथ हुए कुकर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित नाबालिग को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
यह मामला जून 2022 का है, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। अदालत द्वारा सुनाए गए इस फैसले को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी की है।
रास्ता पूछने के बहाने दिया वारदात को अंजाम
लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी के अनुसार, घटना 12 जून 2022 की है। आरोपी ने 14 वर्षीय नाबालिग को रास्ता पूछने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया। विश्वास में लेकर आरोपी उसे एक सुनसान खेत में ले गया, जहाँ उसने नाबालिग के साथ कुकर्म किया। जब पीड़ित ने विरोध किया और चिल्लाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसका गला दबाकर मारपीट की।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर पास की एक ढाणी में पहुंचा और वहां मौजूद एक महिला को पूरी आपबीती सुनाई। महिला ने तुरंत बच्चे के परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद 13 जून 2022 को स्थानीय थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
न्यायालय की कड़ी टिप्पणी और साक्ष्य
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर 11 अक्टूबर 2022 को अदालत में चालान पेश किया था। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 46 महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने आरोपी को दोषी पाया।
फैसला सुनाते हुए जज ने टिप्पणी की कि आरोपी ने जिस तरह से मदद के नाम पर नाबालिग को झांसे में लिया, उससे ग्रामीण परिवेश में लोगों के बीच एक-दूसरे की मदद करने की भावना पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में अविश्वास का माहौल पैदा करती हैं, इसलिए आरोपी को सख्त सजा मिलना आवश्यक था।
पीड़ित को आर्थिक सहायता का निर्देश
अदालत ने केवल आरोपी को सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़ित के पुनर्वास और न्याय के लिए भी ठोस कदम उठाए। पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 2 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने का आदेश देकर कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि पीड़ित को न्याय प्रक्रिया के दौरान आर्थिक और मानसिक संबल मिल सके।
इस फैसले के बाद से क्षेत्र में चर्चा है कि पॉक्सो मामलों में अदालतें अब अत्यंत कठोर रुख अपना रही हैं। आरोपी को मिली 20 साल की सजा और जुर्माने का यह फैसला भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
