सीधी: कस्तूरबा छात्रावास में छात्राओं से कराई जा रही सफाई, जान जोखिम में डालकर छत पर चढ़ीं बच्चियां
Sidhi Kasturba Gandhi Hostel girl students forced to clean water tank and roof. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास का एक वीडियो वायरल हुआ है। मंगलवार दोपहर 1 बजे सामने आए इस वीडियो में छात्राओं से पानी की टंकी की सफाई कराई जा रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीधी के छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास में छात्राओं से जोखिम भरे काम कराए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छात्राएं पानी की टंकी और छात्रावास की दो मंजिला छत पर सफाई करती हुई दिखाई दे रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस छत पर बच्चियां झाड़ू लगा रही हैं, वहां सुरक्षा के लिए कोई मुंडेर नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
मंगलवार दोपहर सामने आए इस वीडियो ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मासूम छात्राएं अपनी जान जोखिम में डालकर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंची छत पर सफाई कर रही हैं। यह घटना छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा और वहां के प्रबंधन पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। निवासियों का आरोप है कि छात्रावास में छात्राओं से नियमित रूप से इस तरह के खतरनाक काम कराए जाते हैं। लोगों का कहना है कि सफाई के लिए नियुक्त कर्मचारियों के बजाय छात्राओं का उपयोग करना न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि यह बाल अधिकारों का भी उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा, छात्रावास की व्यवस्था को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि वार्डन के पति छात्रावास के संचालन में अनुचित हस्तक्षेप करते हैं। साथ ही, यह भी दावा किया गया है कि वार्डन दंपती अक्सर शाम के समय छात्रावास से चले जाते हैं, जिससे रात के समय छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद नहीं रहता है।
अधीक्षक ने दी सफाई, जांच के दिए निर्देश
मामले के तूल पकड़ने के बाद छात्रावास की अधीक्षक सरला मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने इस घटना से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कराई जाएगी।
अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि किन परिस्थितियों में छात्राओं को छत पर सफाई के लिए भेजा गया और क्या इसके लिए किसी ने दबाव बनाया था। छात्रावास जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई होती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
