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सीधी: सरकारी स्कूल की जमीन पर दबंगों का कब्जा, सरपंच ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Sidhi Majhigawan school land encroachment controversy complaint. सीधी जिले के ग्राम मझिगवां स्थित माध्यमिक विद्यालय की सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। गांव के सरपंच सुजय सिंह ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की लगभग चार एकड़ भूमि में से आधी पर वर्षों से कब्जा किया जा रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

16 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 663
सीधी: सरकारी स्कूल की जमीन पर दबंगों का कब्जा, सरपंच ने कलेक्टर से लगाई गुहार
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मझिगवां माध्यमिक विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण का मामला

सीधी जिले के मझिगवां गांव में स्थित माध्यमिक विद्यालय की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। गांव के सरपंच सुजय सिंह ने जिला प्रशासन को दी गई अपनी शिकायत में दावा किया है कि स्कूल के नाम पर दर्ज करीब चार एकड़ भूमि में से आधी जमीन पर स्थानीय लोगों ने अनधिकृत रूप से कब्जा जमा लिया है। इस अतिक्रमण के कारण विद्यालय का परिसर लगातार सिमटता जा रहा है, जिससे भविष्य में शैक्षणिक गतिविधियों और विस्तार कार्यों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

सरपंच सुजय सिंह ने जिन लोगों पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है, उनमें राजेंद्र प्रसाद साहू, जय प्रकाश गुप्ता, प्रेमलाल साहू, भाई लाल साहू, छोटे साहू और जय करण साहू के नाम शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, इन लोगों ने सरकारी भूमि पर न केवल पक्के मकान और दुकानें बना ली हैं, बल्कि वहां गौशाला का निर्माण भी कर रखा है। सरपंच का कहना है कि यह कब्जा वर्षों से धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है, जिससे स्कूल की संपत्ति का बड़ा हिस्सा निजी उपयोग में तब्दील हो गया है।

प्रशासनिक उदासीनता और पूर्व में हुई कार्रवाई

सरपंच ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने पूर्व में भी कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई थी। प्रशासन द्वारा पूर्व में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे और भूमि का सीमांकन भी करवाया गया था। हालांकि, इन कागजी औपचारिकताओं के बावजूद जमीन पर से कब्जा हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन, अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद होते गए और उन्होंने स्कूल की जमीन पर अपना दायरा और अधिक बढ़ा लिया।

विद्यालय की भूमि पर हो रहे इस अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भी भारी रोष है। सरपंच का तर्क है कि यदि समय रहते इस जमीन को मुक्त नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में बच्चों के खेलकूद और स्कूल के किसी भी प्रकार के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए जगह का अभाव हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस बार केवल नोटिस तक सीमित न रहकर अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाया जाए।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

ताजा शिकायत मिलने के बाद सीधी के कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और सरकारी संपत्ति को सुरक्षित किया जाएगा।

फिलहाल, जिन व्यक्तियों पर अतिक्रमण के आरोप लगे हैं, उनका पक्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। प्रशासन द्वारा की जा रही जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितनी भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है और इसके लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं। स्थानीय लोग अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं ताकि स्कूल की जमीन को माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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